{"_id":"5a47e37a4f1c1b4c528bc8b0","slug":"unsuccessful-mission-to-cross-antarctica-alone","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"असफल हो गया अकेले अंटार्कटिका पार करने का मिशन","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
असफल हो गया अकेले अंटार्कटिका पार करने का मिशन
एजेंसी / लंदन
Updated Sun, 31 Dec 2017 12:35 AM IST
विज्ञापन
अंटार्टिका
ब्रिटेन के ध्रुव खोजकर्ता बेन सांडर्स ने अकेले पैदल अंटार्कटिका पार करने का मिशन असफल हो गया। खराब मौसम के चलते वह बीच रास्ते से लौट पड़े। हालांकि वह दक्षिणी ध्रुव तक पहुंच गए थे। बेन ने कहा, मैंने मरे शेर की जगह, जिंदा गधे की तरह लौटना बेहतर समझा।
40 साल के सांडर्स के मुताबिक मौसम बेहद खराब हो गया। तापमान -30 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। खाना सिर्फ 13 दिन का बचा था। जबकि मिशन खत्म करने में कम से कम 17 दिन और लगते। ऐसे में लौटना ही बेहतर था। इससे आगे फंसने पर एयर लिफ्ट होने की गुंजाइश भी कम बचती क्योंकि खराब मौसम में हेलिकाप्टर यहां नहीं पहुंच पाता। बेन ने 65 दिनों में 1609 किलोमीटर का सफर तय करने की योजना बनाई थी, लेकिन उन्हें 52 दिनों में ही बृहस्पतिवार को सफर खत्म करना पड़ा।
पढ़ें- अंटार्कटिक में पृथ्वी के सबसे बड़े ज्वालामुखीय क्षेत्र की खोज
विज्ञापन
विज्ञापन
40 साल के सांडर्स के मुताबिक मौसम बेहद खराब हो गया। तापमान -30 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। खाना सिर्फ 13 दिन का बचा था। जबकि मिशन खत्म करने में कम से कम 17 दिन और लगते। ऐसे में लौटना ही बेहतर था। इससे आगे फंसने पर एयर लिफ्ट होने की गुंजाइश भी कम बचती क्योंकि खराब मौसम में हेलिकाप्टर यहां नहीं पहुंच पाता। बेन ने 65 दिनों में 1609 किलोमीटर का सफर तय करने की योजना बनाई थी, लेकिन उन्हें 52 दिनों में ही बृहस्पतिवार को सफर खत्म करना पड़ा।
विज्ञापन
पढ़ें- अंटार्कटिक में पृथ्वी के सबसे बड़े ज्वालामुखीय क्षेत्र की खोज
विज्ञापन
Trending Videos
दोनों ध्रुवों पर पहुंचने वाले तीसरे शख्स
अंटार्टिका
सांडर्स ने कहा, इस असफल मिशन के बावजूद इतिहास में दोनों ध्रुवों तक पहुंचने वाले तीसरे शख्स और एकमात्र ब्रिटिश हैं। 2004 में उत्तरी ध्रुव फतह किया था। शैकल्टन और स्कॉट के रास्ते दक्षिण ध्रुव का सफर भी 2013-14 में पूरा कर चुके हैं। उनके पास 2888 किलोमीटर की सबसे लंबी ध्रुव यात्रा का भी रिकॉर्ड है।
दोस्त की याद में निकले मिशन पर
40 साल के बेन अपने दोस्त कर्नल हेनरी वर्सले की याद में अकेले दक्षिण ध्रुव फतह करने के दुनिया के पहले मिशन पर निकले थे। 2016 में इसी मिशन को पूरा करने की कोशिश में ध्रुव से सिर्फ 48 किलोमीटर दूर मल्टी आर्गन फेलियर से हेनरी की मौत हो गई थी। हेनरी का अंतिम संदेश था, मेरा सफर खत्म हो गया, लेकिन मेरी मंजिल कुछ कदम दूर है।
दोस्त की याद में निकले मिशन पर
40 साल के बेन अपने दोस्त कर्नल हेनरी वर्सले की याद में अकेले दक्षिण ध्रुव फतह करने के दुनिया के पहले मिशन पर निकले थे। 2016 में इसी मिशन को पूरा करने की कोशिश में ध्रुव से सिर्फ 48 किलोमीटर दूर मल्टी आर्गन फेलियर से हेनरी की मौत हो गई थी। हेनरी का अंतिम संदेश था, मेरा सफर खत्म हो गया, लेकिन मेरी मंजिल कुछ कदम दूर है।