फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   UK Court rejects application for extradition of Vijay Mallya

लंदन कोर्ट से भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को झटका, प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील खारिज

Mon, 08 Apr 2019 06:44 PM IST
यशवीर सिंह वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: यशवीर सिंह Updated Mon, 08 Apr 2019 06:44 PM IST
विज्ञापन
UK Court rejects application for extradition of Vijay Mallya
विजय माल्या (फाइल फोटो)

ब्रिटेन के हाईकोर्ट ने प्रत्यर्पण के खिलाफ भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या की लिखित अपील खारिज कर दी है। अपील खारिज होने के बाद माल्या को वापस भारत लाने की उम्मीद बढ़ गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई दोनों भारतीय एजेंसियां माल्या के खिलाफ 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के बैंक धोखाधड़ी के मामलों की जांच कर रही हैं। हाल में भारत की एक अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया था।

विज्ञापन


पिछले साल दिसंबर में लंदन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने माल्या (63) को भारत प्रत्यर्पित करने का फैसला सुनाया था। इसके बाद फरवरी में ब्रिटेन के गृह मंत्री साजिद जाविद ने उसके प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए थे। ब्रिटिश सरकार के इसी फैसले के खिलाफ शराब कारोबारी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। ब्रिटिश न्यायपालिका के एक प्रवक्ता ने बताया कि जस्टिस विलियम डेविस ने 5 अप्रैल को प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील करने की अनुमति देने के माल्या के आवेदन को नामंजूर कर दिया।
विज्ञापन


माल्या मार्च, 2016 से ब्रिटेन में है। अप्रैल, 2017 में प्रत्यर्पण वारंट पर हुई गिरफ्तारी के बाद से वह जमानत पर है। संकट में फंसे माल्या ने हाल में कई भारतीय बैंकों को संतुष्ट करने के लिए अपनी खर्चीली जिंदगी छोड़ने की पेशकश की थी। लंदन की कोर्ट को भी यह जानकारी दी गई थी। माल्या को अभी करीब 18,325.31 पाउंड की अधिकतम राशि एक सप्ताह में खर्च करने अनुमति है। उसने इस राशि को घटाकर 29,500 पाउंड मासिक करने की पेशकश की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन


आपके लिए खास

आईए आपको बताते हैं कि अब इस मामले में आगे क्या होगा। शराब कारोबारी के पास मौखिक विचार के लिए हाईकोर्ट में आवेदन करने के लिए पांच दिन हैं। अगर फिर से कोई आवेदन किया जाता है, तो यह मामला हाईकोर्ट के जज के सामने जाएगा। ब्रिटिश कानून के मुताबिक, पुनर्विचार प्रक्रिया में संक्षिप्त मौखिक सुनवाई होगी, जिसमें माल्या और भारत सरकार की तरफ से मौजूद टीमों की तरफ से दलीलें रखी जाएंगी। इसके बाद जज यह फैसला लेंगे कि इस पर पूर्ण सुनवाई की जरूरत है या नहीं। इसके अलावा माल्या के पास सुप्रीम कोर्ट में भी अपील करने का विकल्प मौजूद, जिसमें चार से छह सप्ताह लग सकते हैं।



कृपया हमारी खबरों पर अपना फीडबैक नीचे कमेंट सेक्शन में जरूर दें और बताएं कि समाचार जगत से जुड़ी कौन सी खबर आप पढ़ना चाहते हैं। हम आपके फीडबैक के अनुसार खबरों को प्रस्तुत करेंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed