फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   These are the heroes of Mission Impossible who rescued the children from Thailand cave 

थाईलैंड: ये हैं बच्चों को गुफा से निकालने वाले 'मिशन इंपॉसिबल' के नायक

Wed, 11 Jul 2018 11:35 PM IST
बीबीसी हिन्दी
बीबीसी हिन्दी Updated Wed, 11 Jul 2018 11:35 PM IST
विज्ञापन
These are the heroes of Mission Impossible who rescued the children from Thailand cave 

थाईलैंड की गुफा से सभी 12 बच्चों और उनके कोच को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। संकरे, टेढ़े-मेढ़े रास्तों, पानी से लबालब और घुप अंधेरे वाली गुफ़ा में से बच्चों को वापस लाना, मौत के मुंह से वापस लाने से कम नहीं था। एक तरफ लगातार हो रही बारिश मिशन के रास्ते में बाधा डाल रही थी तो दूसरी ओर मुश्किल ये थी कई बच्चों को ठीक से तैरना भी नहीं आता था। ऑक्सीजन कम थी सो अलग। ये सब इतना मुश्किल था कि शुरू में कहा गया कि बच्चों को बाहर निकलने में महीनों लग सकते हैं।

विज्ञापन


हालात की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ऑक्सीजन का सिलेंडर पहुंचाने गुफा में गए एक गोताखोर की वापस लौटते वक्त रास्ते में मौत हो गई। लेकिन, अनगिनत मुश्किलों के बाद भी सबको सुरक्षित बाहर निकाला गया और तीन दिनों के भीतर। इस कामयाबी के पीछे एक टीम काम कर रही थी जो पूरी तरह प्रतिबद्ध थी। मिलिए, टीम के उन चुनिंदा नायकों से जिन्होंने नामुमकिन से लगने वाले इस मिशन को मुमकिन बना दिया। 
विज्ञापन


जॉन वोलेन्थन, रिचर्ड स्टेनटोन और रॉबर्ट चार्ल्स हार्पर
ब्रिटॉन जॉन वोलेन्थन वो शख्स हैं जिनकी आवाजगुफा में नौ दिन से फंसे बच्चों और उनके कोच ने सबसे पहले सुनी। चियंग राय स्थित टैम लूंग गुफा में फंसे बच्चों को खोजने के लिए थाईलैंड सरकार ने ब्रिटेन के वोलेनथन, रिचर्ड स्टेनटोन और रॉबर्ट चार्ल्स हार्पर को मदद के लिए बुलाया था। ये तीनों ही 'केव एक्सपर्ट' हैं। स्टेनटोन पहले फायर ब्रिगेड में भी काम कर चुके हैं। ये तीनों नॉर्वे, फ़्रांस और मेक्सिको में भी ऐसे बचाव अभियान को अंजाम दे चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


समन गुनन
38 साल के सुमन गुनन लापता समूह को ऑक्सीजन की टंकी पहुंचाने के बाद वापस आते वक़्त बेहोश हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई। सुमन गुनन थाई नौसेना के पूर्व गोताखोर थे। उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी लेकिन बचाव अभियान में शामिल होने के लिए वो लौट आए थे। थाईलैंड के राजा ने सुमन गुनन को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की घोषणा की थी।

डॉक्टर रिचर्ड हैरिस
ऑस्ट्रेलिया के डॉक्टर रिचर्ड हैरिस को डाइविंग (गोताखोरी) का दशकों का अनुभव है। उन्होंने गुफा में बच्चों की जांच करने के बाद ग्रीन सिग्नल दिया जिसके बाद बचाव अभियान आगे बढ़ पाया। चूंकि बच्चे नौ दिन तक बिना कुछ खाए-पीए बेहद कमजोर हो चुके थे इसलिए उन्हें डाइविंग के जरिए बाहर निकालना खतरनाक हो सकता था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डॉक्टर हैरिस ऑस्ट्रेलिया, चीन, क्रिसमस आईलैंड और न्यूजीलैंड में बचाव अभियान को अंजाम दे चुके हैं।

बेन रेमेनैंन्ट्स
बेल्जियम के बेन रेमेनैंन्ट्स फुकेट में डाइविंग का बिज़नेस करते हैं। बताया जा रहा है कि बचाव अभियान के पहले दिन उन्होंने ही सबसे पहले बच्चों को गुफ़ा में ढूंढा।

क्लॉस रैसमिसेन
स्कूलों में डाइविंग सिखाने वाले रैसमिसेन एक डाइविंग कंपनी में इंस्ट्रक्टर के तौर पर भी काम करते हैं। उन्होंने एशिया के कई देशों में डाइविंग की है।

मीको पासी
फ़िनलैंड के मीको पासी को टेक्निकल डाइविंग में महारत हासिल है। 


उनकी पत्नी ने एक फ़ेसबुक पोस्ट में बताया है कि जिस दिन वो बचाव अभियान में शामिल होने थाईलैंड आए थे, उस दिन उनकी शादी की आठवीं सालगिरह थी।
 

इवान केर्दजी

इवान थाईलैंड में ही एक डाइविंग सेंटर चलाते हैं। उन्होंने बीबीसी को बताया कि जब उन्होंने गुफा में पहले बच्चे को देखा तो उन्हें अचानक समझ नहीं आया कि वो ज़िंदा है या नहीं। बाद में उसे जिंदा और सुरक्षित पाकर इवान ने राहत की सांस ली थी।

एरिक ब्राउन
कनाडा के एरिक ब्राउन एक टेक्निकल डाइवर हैं और उन्होंने मिस्र में एक डाइविंग स्कूल भी खोला है। मंगलवार की रात उन्होंने फ़ेसबुक पर बताया था कि पिछले नौ दिनों में वो सात डाइविंग मिशन पूरे कर चुके हैं।

थाई नौसैनिक और डॉक्टर
खास सुरक्षाबल इस रेस्क्यू मिशन का हिस्सा थे। इनमें भी सबसे खास हैं डॉक्टर पाक लोहार्नशन और वो तीन दूसरे गोताखोर जिन्होंने गुफा में बच्चों के साथ रुकने का प्रस्ताव रखा।

थाईलैंड की नौसेना ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है जिनमें डॉक्टर लोहार्नशन एक बच्चे के जख्मों पर दवा लगा रहे हैं। वहीं, थाईलैंड के नौसैनिक मंगलवार देर शाम को सबसे आखिर में गुफा में बाहर निकले। सबको सुरक्षित बाहर निकालने के बाद।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed