थाईलैंड: फुटबॉल टीम के साथ गुफा में फंसे कोच ने लिखा खत, अभिभावकों से मांगी माफी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थाईलैंड की गुफा में 12 बच्चों से साथ फंसे उनके कोच ने अभिभावकों से माफी मांगी है। थाई नेवी ने उनका लिखा एक खत जारी किया है जिसमें उन्होंने बच्चों के अभिभावकों को कहा है कि 'सभी बच्चे सुरक्षित हैं। मैं आपसे वादा करता हूं कि मैं उनका ख्याल रखूंगा। मैं सभी के समर्थन के लिए धन्यवाद कहता हूं और बच्चों के अभिभावकों से माफी मांगता हूं।'
बता दें गुफा में फंसे 12 बच्चों के साथ उनके 25 वर्षीय कोच इक्कापोल चंतोवोंग एक अकेले व्यस्क हैं। वहीं गुफा में फंसे बच्चों की उम्र 11 से 16 सल के बीच है। ये खत थाई नेवी ने शनिवार को फेसबुक पर पोस्ट किया। कोच ने खत में अपनी दादी और आंटी के लिए लिखा, 'मैं यहां सुरक्षित हूं। परेशान मत होना और अपना ध्यान रखना'।
Heart rending notes scribbled by some of the stranded boys and their football coach from inside a flooded Thai cave were posted on Thai Navy SEAL Facebook page
विज्ञापन विज्ञापन
Read @ANI Story |https://t.co/zijNHP4rAV pic.twitter.com/fOkV2XAZZ8 — ANI Digital (@ani_digital) July 7, 2018
कुछ लोगों ने कोच को बताया गलत
कोच द्वारा भेजा गया यह पहला संदेश है। इससे पहले उन्होंने अपना खाना भी बच्चों के साथ साझा किया था। जिसके बाद लोगों ने उनकी काफी सराहना की। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सारी गलती कोच की बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि खराब मौसम में कोच को बच्चों को लेकर गुफा में नहीं जाना चाहिए था।
बच्चों ने कही घर जाने की बात
इस खत में बच्चों ने लिखा है कि वह गुफा से निकलते ही घर जाना चाहते हैं। उन्होंने लिखा कि वह मजबूत हैं और उनकी चिंता ना की जाए। कई ने तो यह भी कहा कि जब वह गुफा से बाहर निकलें तो उन्हें उनका पसंदीदा खाना दिया जाए। वहीं एक बच्चे ने कहा कि 'चिंता मत करो, मैं ठीक हूं।' एक अन्य बच्चे ने कहा कि 'आई लव यू पापा, मम्मी और खिलौने। अगर मैं बाहर निकल पाया तो आप कृप्या मुझे मेरे पसंदीदा रेस्टोरेंट में लेकर जाना।' एक और बच्चे ने लिखा, 'मेरी चिंता मत करो कि मैं दो हफ्तों से लापता हूं, मैं जल्द ही दुकान में आपकी मदद करूंगा।'
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान नेवी कमांडो की मौत
थाईलैंड में गुफा में फंसे 12 बच्चों और उनके कोच को बचाने के दौरान बीते दिनों एक बड़ी दुर्घटना भी हुई। उन्हें बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा था। इसी दौरान बचाव कार्य में लगे एक नेवी कमांडो की मौत हो गई। कमांडो की मौत की वजह ऑक्सीजन की कमी थी। वह फुटबॉल टीम को ऑक्सीजन की सप्लाई करने गए थे। बचाव दल में लगे कमांडोज को प्रतिकूल मौसम से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने पूरे हफ्ते तक बारिश होने का अनुमान जताया है।
बता दें ये बच्चे चिआंग राय प्रांत के थाम लुआंग गुफा में फंसे हुए हैं। इस गुफा से निकलना बेहद मुश्किल बताया जा रहा है क्योंकि यहां चारों तरफ पानी है। अंधेरी गुफा का रास्ता बेहद ही संकरा है। साथ ही वहां कीचड़ भी है। इस दौरान चिआंग राय के राज्यपाल का कहना है कि पहले तो इस कार्य में समय परेशानी बन रहा था लेकिन अब मौसम भी परेशानी बन रहा है।
बारिश से बढ़ सकता है जान को खतरा
जानकारी के मुताबिक गुफा में पहले से ही अधिक मात्रा में जल भरा हुआ है। अब अधिक बारिश की आशंका ने भी इस खतरे को और बढ़ा दिया। क्योंकि बारिश से यहां का जलस्तर भी बढ़ सकता है जिससे इसमें फंसे लोगों की जान को खतरा हो सकता है। गुफा के अंदर पानी ना बढ़े इसके लिए प्रवेशद्वार बंद कर दिया गया है।
गौरतलब है कि 23 जून को थाईलैंड की अंडर 16 फुटबॉल टीम के 12 बच्चे और उनके 25 वर्षीय कोच इस गुफा में फंस गए थे। सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक उन्होंने बारिश से बचने के लिए गुफा की शरण ली थी। जिसके बाद अधिक बारिश होने से गुफा का प्रवेश द्वार बंद हो गया। जिसके बाद ये बच्चे और उनके कोच बाहर नहीं निकल पाए। इन बच्चों की उम्र 11 से 16 के बीच है। जिस स्थान पर बच्चे फंसे हैं वहां तक पहुंचने के लिए 11 घंटे का वक्त लगता है।
बाहर निकालने में लगेगा 4 महीने का वक्त
इस गुफा में ये सभी लोग 23 जून से फंसे हुए हैं। बचाव कार्य के लिए अमेरिका सहित कई देश मदद की पेशकश भी कर चुके हैं। बचावकर्ताओं के दल को इन्हें ढूंढने में 9 दिनों का समय लगा था। जिसके बाद 10वें दिन इन तक खाना और दवाईयां पहुंचाई गईं। थाई सेना का कहना है कि इन्हें बाहर निकालने में 4 महीने का समय लगेगा।