थाइलैंड अब नहीं बनेगा 'दुनिया की कोख'
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थाइलैंड में विदेशियों के लिए पैसों के बदले सरोगेसी यानी किराए की कोख के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। सरोगेसी से जुड़ा एक ऐसा क़ानून पास किया गया है जिसके अनुसार सरोगेसी के एवज में किसी भी महिला को पैसे देना और किसी एजेंट का इस्तेमाल करना गैरकानूनी होगा। पिछले साल सरोगेसी से जुड़े दो मामलों पर थाइलैंड में काफ़ी हंगामा हुआ था।
एक मामले में सरोगेट महिला ने आरोप लगाया था कि एक ऑस्ट्रेलियाई दंपत्ति ने उसके ज़रिए पैदा हुए जुड़वां बच्चों में से एक को लेने से इनकार कर दिया था। जो बच्चा आस्ट्रेलिया नहीं गया उसे डाउन सिंड्रोम था। ऑस्ट्रेलियाई दंपत्ति ने इस आरोप से इनकार किया था। दूसरे विवाद में एक जापानी व्यक्ति ने कई सरोगेट महिलाओं से दर्जन भर बच्चे पैदा किए।इन घटनाओं के बाद छिड़े विवाद से थाइलैंड का सरोगेसी कारोबार दुनिया भर की निगाहों मे आ गया।
दुनिया की कोख
यूं तो पैसों के लिए सरोगेसी करने पर थाइलैंड मेडिकल काउंसिल ने साल 1997 में ही रोक लगा दी थी।इसके बावजूद यहां सरोगेसी एक कारोबार के रूप में फलता-फूलता और विदेशियों को अपनी ओर खींचता रहा।
कानून निर्माता वनलोप टांगकनानुरक का कहना है कि यहां का कानून थाइलैंड को दुनिया भर की कोख बनने से रोकता है। सरोगेसी के लिए किसी महिला की सेवाएं किराए पर लेने पर कानून में 10 साल कैद की सजा का प्रावधान है। हांलाकि वो लोग थाई महिलाओं की कोख किराए पर ले सकेंगे जहाँ पति पत्नी में से एक थाइलैंड का निवासी है।