{"_id":"575efb374f1c1b1b1e11b8b3","slug":"terrorism-must-be-eradicated-by-collective-efforts-of-the-civilised-world-mukherjee","type":"story","status":"publish","title_hn":"आतंकवाद का सामूहिक प्रयास से हो खात्मा : प्रणब","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
आतंकवाद का सामूहिक प्रयास से हो खात्मा : प्रणब
एजेंसी/ अक्रा
Updated Mon, 13 Jun 2016 11:58 PM IST
विज्ञापन
प्रणब घाना का दौरा करने वाले पहले भारतीय राष्ट्रपति हैं
- फोटो : PTI
आतंकवाद से निपटने में घाना का समर्थन करने की भारत की प्रतिबद्धता जताते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि आतंकवाद एक संकट है, जिसकी कोई सीमाएं नहीं हैं। लिहाजा सभ्य दुनिया को सामूहिक प्रयास से इसका खात्मा किया जाना चाहिए। प्रणब पहले भारतीय राष्ट्रपति हैं, जो घाना का दौरा कर रहे हैं। दो दिवसीय दौरे पर घाना की राजधानी अक्रा पहुंचे राष्ट्रपति ने कहा कि भारत पिछले तीन दशकों से आतंकवाद का शिकार रहा है। उन्होंने घाना की इस चिंता को साझा किया कि आतंकवाद एक वैश्विक संकट बन चुका है।
विज्ञापन
रविवार को घाना के राष्ट्रपति जॉन द्रामानी माहामा की ओर से आयोजित भोज को संबोधित करते हुए प्रणब ने कहा कि आतंकवाद की कोई सीमाएं नहीं है। तबाही मचाने के सिवाय आतंकवाद की कोई विचारधारा नहीं है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत घाना के साथ है।
विज्ञापन
इस बीच माहामा ने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए घाना के पहले राष्ट्रपति क्वामे क्रुमाह और भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के रिश्तों को याद किया। दोनों ही नेता गुट-निरपेक्ष आंदोलन के संस्थापक थे। वहीं, प्रणब ने रवींद्रनाथ की ‘अफ्रीका’ नामक शीर्षक की कविता कही। प्रणब ने भारत और अफ्रीका को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से बाहर रखने पर भी सवाल उठाए।
विज्ञापन