{"_id":"576263c44f1c1be53811bc79","slug":"taliban-use-honey-trap-boys-to-kill-afghan-police","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पुलिस के खात्मे के लिए 'लड़कों के संग संबंध' बनाने का जाल बुना तालिबान ने ","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
पुलिस के खात्मे के लिए 'लड़कों के संग संबंध' बनाने का जाल बुना तालिबान ने
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 16 Jun 2016 03:07 PM IST
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'लड़कों के संग संबंध' बनाने का जाल बुना अफगानिस्तान ने
- फोटो : Reuters
दुनिया के खतरनाक आतंकी संगठनों में से एक तालिबान और ज्यादा नीचता पर उतर आया है। अब तालिबान ने अफगानिस्तान पुलिस के अधिकारियों को मारने के लिए चाइल्ड सेक्स स्लेव का सहारा लेना शुरू किया है। तालिबान ने इसको बच्चा बाजी का नाम दिया है।
टीओआई की खबर के मुताबिक तालिबान में पुलिस अधिकारियों का लड़कों की तरफ काफी आकर्षण रहता है। तालिबान टोर्जन हॉर्स अटैक के जरिए पुलिस वालों को मारने का काम रहा है। जनवरी से अप्रैल के बीच में तालिबान ने इस तरह 100 से ज्यादा पुलिस वालों को मौत के घाट उतार दिया है। इन हमलों को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए अफगानिस्तान सुंदर लड़कों का सहारा ले रहा है।
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टीओआई की खबर के मुताबिक तालिबान में पुलिस अधिकारियों का लड़कों की तरफ काफी आकर्षण रहता है। तालिबान टोर्जन हॉर्स अटैक के जरिए पुलिस वालों को मारने का काम रहा है। जनवरी से अप्रैल के बीच में तालिबान ने इस तरह 100 से ज्यादा पुलिस वालों को मौत के घाट उतार दिया है। इन हमलों को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए अफगानिस्तान सुंदर लड़कों का सहारा ले रहा है।
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सुंदर आकर्षक लड़कों को पुलिस वालों के पास भेजता
आतंकी संगठनों में से एक तालिबान और ज्यादा नीचता पर उतर आया
- फोटो : Reuters
तालिबान अपनी योजना के मुताबिक सुंदर आकर्षक लड़कों को पुलिस वालों के पास भेजता है। वो लड़कें पुलिस वालो को ड्रग और जहर दे कर मार देते हैं।
अफगान पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक ऐसे लड़कों के प्रति आकर्षण यहां की पुलिस की सबसे बड़ी कमजोरी है। तालिबान की यह 'बच्चा बाजी' आत्मघाती हमलावर भी बन जाते हैं और पुलिस वालों का खात्मा कर देते हैं।
तालिबान ने वर्ष 1996-2001 के बीच में 'बच्चा बाजी' पर रोक लगा दी थी। पर एक बार फिर तालिबान ने पुलिस वालों के खात्मे के लिए यह रणनीति अपनाई है।
अफगान पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक ऐसे लड़कों के प्रति आकर्षण यहां की पुलिस की सबसे बड़ी कमजोरी है। तालिबान की यह 'बच्चा बाजी' आत्मघाती हमलावर भी बन जाते हैं और पुलिस वालों का खात्मा कर देते हैं।
तालिबान ने वर्ष 1996-2001 के बीच में 'बच्चा बाजी' पर रोक लगा दी थी। पर एक बार फिर तालिबान ने पुलिस वालों के खात्मे के लिए यह रणनीति अपनाई है।