अब मुल्ला अख्तर मंसूर संभालेगा तालिबान की कमान
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पेशावर स्कूल हमले के मास्टरमाइंड मुल्ला अख्तर मंसूर को तालिबान का नया सरगना बनाया गया है। इस हमले में करीब 140 मासूम बच्चों की जान चली गई थी जिसकी दुनियाभर के देशों के साथ कई आतंकी संगठनों ने भी कड़ी निंदा की थी। इसके पूर्व सरगना मुल्ला उमर के मौत की पुष्टि के बाद मंसूर को नया नेता चुना गया है।
गुरुवार को तालिबान ने मुल्ला उमर की मौत की पुष्टि के बाद अख्तर मंसूर को अपना नया सरगना चुने जाने का ऐलान किया। उमर की मौत की घोषणा के बाद अफगान तालिबान के नेताओं की पाकिस्तान के क्वेटा में बैठक हुई, जहां तालिबान के फैसले लेने वाली शूरा कौंसिल के सभी सदस्यों से सलाह के बाद मंसूर को संगठन का नया मुखिया चुना गया। शूरा ने हक्कानी नेटवर्क के प्रमुख सिराजुद्दीन हक्कानी को संगठन का उप प्रमुख बनाया है।
हालांकि, खबरें यह भी है कि मंसूर को नया नेता चुने जाने पर तालिबान कमांडरों में मतभेद पैदा हो गए हैं। मुल्ला उमर की मौत की पुष्टि होने के बाद तालिबान ने अफगान सरकार के
पाक में नहीं मरा था मुल्ला उमर
इससे पहले बुधवार को अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के आवास से जारी बयान में कहा गया था कि मुल्ला उमर की दो साल पहले 2013 में ही पाक के कराची के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। बाद में अमेरिका ने भी उमर की मौत की खबर को विश्वसनीय बताया था।
मुल्ला उमर का सहायक रह चुका मंसूर बेहद खतरनाक माना जाता है। 20 सदस्यीय शूरा का काम देखता रहा है। उसे तालिबान के शीर्ष कमांडरों का समर्थन प्राप्त है। मंसूर पेशावर स्कूल हमले का मास्टरमाइंड रह चुका है। तालिबान ने मुल्ला उमर की मौत की पुष्टि के साथ ही यह दावा किया है कि उसके सरगना की मौत पाक में नहीं हुई थी।
उसने कहा कि बीते दो हफ्ते में उमर की सेहत बिगड़ गई थी और वह एक दिन भी पाक नहीं गया था। वह बीमारी से मरा था। आतंकी संगठन ने कहा कि उमर की आत्मा की शांति के लिए तीन दिन के धार्मिक समारोह का आयोजन किया जाएगा।