सिडनी बंधक कांड: पढ़िए, सात अहम बातें
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सिडनी के एक कैफे में बंधक बनाए गए कुछ कर्मचारियों और अन्य लोगों को पुलिस ने छुडा लिया है। हालांकि इसमें हमलावर के अलावा दो बंधकों के मारे जाने की भी खबर है।
कैफे शहर के बीचों-बीच मार्टिन प्लेस में है। यहां रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के साथ-साथ देश के दो बडे़ बैंकों के मुख्यालय भी हैं। आइए जानते हैं इस पूरी घटना से जुडी सात प्रमुख बातें-
1-16 घंटे तक चली पुलिस कार्रवाई में कई बंधकों को सुरक्षित निकाला गया। एक बंधक और एक हथियारबंद हमलावर के मरने और कई लोगों के जख्मी होने की खबर है। सिडनी के समयानुसार 2.20 बजे पुलिस कैफे में घुसी। इसके बाद बंधकों ने कैफे से निकलना शुरू किया।
2- बंधक बनाने वाले की पहचान ईरानी मूल के मन हारून मोनिस के रूप में हुई है। ऑस्ट्रेलियाई पुलिस के मुताबिक 49 साल के मोनिस ईरानी शरणार्थी हैं और कई दूसरे मामलों में भी वो संदिग्ध हैं।
मुस्लिम लोगों के साथ रंगभेद?
3- संकट शुरू होने के कुछ वक्त बाद भारत सरकार ने बंधकों में एक भारतीय आईटी प्रोफेशनल के शामिल होने की बात कही।
4- प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब नौ बजे (स्थानीय समयानुसार) काला बैग लिए एक हथियारबंद लिंट चॉकलेट शॉप और कैफे में घुसा। तब कैफे में करीब 40 लोग थे। पहले कैफे में लूट की खबर फैली थी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
5- घटना के करीब एक घंटे के अंतराल पर छह लोग कैफे की इमारत से दौडते हुए निकले। प्रधानमंत्री टोनी एबट ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर आकर 'गंभीर घटना' पर उचित पुलिस कार्रवाई का भरोसा दिलाया था।
6- पुलिस ने सोमवार रात जारी बयान में कहा- लोग मंगलवार को बाहर निकल सकते हैं।
7।अरबी में लिखे काले झंडे का फुटेज सामने आने के बाद मुस्लिम लोगों के साथ रंगभेद की आशंका के मद्देनजर कई लोगों ने वहां रह रहे मुसलमानों के समर्थन में ट्विटर पर अभियान चलाया।