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श्रीलंका ने चीनी कंपनी का ठेका भारत को दिया, ड्रैगन को झटका

Sat, 20 Oct 2018 06:21 AM IST
एजेंसी, कोलंबो
एजेंसी, कोलंबो Updated Sat, 20 Oct 2018 06:21 AM IST
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Sri Lanka gives India contract for Chinese company
श्रीलंका

श्रीलंका सरकार ने जाफना में घर बनाने का ठेका चीनी कंपनी से वापस लेकर भारत को देने का फैसला किया है। श्रीलंका सरकार ने कहा कि कैबिनेट ने 3580 करोड़ रुपये की लागत से 28 हजार घर बनाने का प्रस्ताव पास कर दिया है। इसे भारतीय कंपनी एनडी एंटरप्राइजेज के साथ श्रीलंकाई कंपनियां मिलकर तैयार करेंगी। लिट्टे विद्रोहियों के साथ करीब 26 साल तक चले युद्ध के दौरान ध्वस्त हुए घरों के पुनर्निर्माण के पहले चरण में भारतीय कंपनी उत्तरी श्रीलंका में इन घरों का निर्माण करेगी।

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इससे पहले चीन की चाइना रेलवे बीजिंग इंजीनियरिंग ग्रुप को 40 हजार घर बनाने का 30 करोड़ डॉलर (22 अरब रुपये से ज्यादा) का ठेका मिला था। हालांकि स्थानीय लोगों ने ईंट से घर बनाने की मांग की थी और चीनी कंपनी कंक्रीट स्ट्रक्चर के हिसाब से घर बनाना चाहती थी। प्रवक्ता ने कहा कि कुल 66 हजार घर बनाए जाने हैं और आगे का ठेका उस कंपनी को मिलेगा, जो कम लागत में इन्हें तैयार करेगी।
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राहुल गांधी ने श्रीलंका के पीएम से मुलाकात की

 कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को श्रीलंकाई के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और श्रीलंका के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। इस दौरान यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा भी मौजूद रहे। विक्रमसिंघे तीन दिवसीय दौरे पर बृहस्पतिवार को नई दिल्ली पहुंचे हैं।मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे से अच्छी मुलाकात रही। मैं भारत में उनका स्वागत करता हूं। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से दोनों देश एक दूसरे के काफी करीब हैं। उनका भारत दौरा सुखद रहे मैं इसकी कामना करता हूं।
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आज पीएम मोदी से मिलेंगे

श्रीलंकाई पीएम शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे। उनकी इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच कारोबार, निवेश, नौवहन सुरक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करना है। मोदी के अलावा वह गृहमंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी मुलाकात कर सकते हैं। 2015 में पीएम बनने के बाद विक्रमसिंघे का यह पांचवां भारत दौरा है।

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