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चीनी हैकरों ने की यूरोपीय देशों की जासूसी?
Updated Mon, 16 Dec 2013 02:02 PM IST
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अमेरिकी सुरक्षा कंपनी 'फायर आई' के मुताबिक पिछली गर्मियों के दौरान चीनी हैकरों ने यूरोपीय संघ के पांच विदेश मंत्रालयों के कंप्यूटरों की जासूसी की थी।
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हैकरों ने सीरिया में संभावित अमेरिकी हस्तक्षेप को विस्तार से जानने के लिए मालवेयर (वायरसयुक्त सॉफ्टवेयर) से भरे ई-मेल युक्त संदेश भेजे थे।
कंपनी ने यह खुलासा नहीं किया है कि जासूसी के दौरान किन मंत्रालयों को निशाना बनाया गया। लेकिन फायर आई के मुताबिक ये मैलवेयर जी-20 समिट के दौरान हुई अलग-अलग व्यक्तिगत बातचीत से जुड़े थे।
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'नेटवर्क टोही'
इस कंपनी ने बीबीसी को बताया कि कुल नौ कंप्यूटरों में सेंध लगाकर छेड़छाड़ की गई।
फायर आई के मुताबिक, '' इन कंप्यूटरों को सितंबर में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में जी-20 समूह (जिसमें चीन भी शामिल है) के वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान निशाना बनाया गया था। इस बातचीत में सीरिया के मुद्दे पर बात की गई थी।''
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शोधकर्ताओं का कहना है कि अगस्त में एक सप्ताह के लिए वे हैकरों द्वारा प्रयोग किए गए 23 कंप्यूटर सर्वर पर नज़र रखने में सक्षम रहे थे, जिसे उन्होंने एक फ़ाइल के नाम में इसके दुर्भावनापूर्ण कोड प्रयोग के बाद के3 चैंग समूह क़रार दिया।
उन्होंने कहा, ''सप्ताह के दौरान मालवेयर की कार्रवाई पर नजर रखी गई और इस दौरान कोई फाइल चोरी नहीं हुई थी।''
फायर आई के वरिष्ठ शोधकर्ता नरोत्तम विलेनेयूव ने बीबीसी को बताया, ''इस स्तर पर यह नेटवर्क की जासूसी करने जैसा प्रतीत होता है।''
शोधकर्ताओं का कहना है कि अनुमान के मुताबिक के3 चैंग समूह 2010 से काम कर रहा है।
फायर आई के मुताबिक पारंपरिक तौर पर इस समूह ने एयरोस्पेस, एनर्जी और विनिर्माण उद्योगों को निशाना बनाया है लेकिन उन्होंने हाई-टेक कंपनियों और सरकारों को भी मालवेयर युक्त ई-मेल भेजे हैं।
'कार्ला ब्रूनी'
शोधकर्ताओं का कहना है कि, ''2012 में इस समूह ने लंदन ओलंपिक की थीम वाले हमले का प्रयोग किया और इससे एक साल पहले फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति की पत्नी कार्ला ब्रूनी की नग्न तस्वीरों को फैलाने के उद्देश्य से ई-मेल का प्रयोग किया था।''
विलेनेयूव ने बीबीसी को बताया कि अपने ताजा हमलों में इस समूह ने विशेष तौर पर विदेश मंत्रालयों को निशाना बनाया है। उन्होंने आगे बताया कि, ''हैकर चीन से संबंधित है, लेकिन तकनीकी बिंदु से देखने पर यह तय कर पाना बहुत मुश्किल है कि वे किसी एक राष्ट्र या राज्य से जुड़े हैं।''
उन्होंने स्पष्ट किया कि हैकरों के सर्वे तक पहुँचने में उन्होंने किस तरह पैठ बनाई। उन्होंने कहा, ''जब वे बुनियादी ढांचे में बदलाव करते हैं तो सर्वर खुल जाते हैं। मैं तभी सर्वर की जांच करता था जब वे सुरक्षित नहीं होते थे।''
हाल के वर्षों में साइबर जासूसी को लेकर चीन औऱ पश्चिमी देशों में लगातार तनाव बढ़ता रहा है।
जून में अमेरिकी रक्षा सचिव चक हेगल ने आरोप लगाया था कि चीनी हैकर गुप्त अमेरिकी कार्यक्रमों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।