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दक्षिणी सूडान के कबीलों में खूनी संघर्ष, हजारों का कत्ल

Wed, 25 Dec 2013 10:25 AM IST
Updated Wed, 25 Dec 2013 10:25 AM IST
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south sudan army

संयुक्त राष्ट्र ने आशंका जताई है कि दक्षिणी सूडान में जारी संघर्ष में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है।

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दक्षिणी सूडान में संयुक्त राष्ट्र की ओर से मानवाधिकारों के लिए काम कर रहे वरिष्ठ अधिकारी टोबी लैंज़र ने कहा, "ये दक्षिणी सूडान के लिए तबाही का हफ़्ता रहा है।"

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मंगलवार को आमराय से देश में शांतिदूतों की संख्या दोगुना करने पर मतदान किया है।

टोबी लैंज़र अभी दक्षिणी सूडान के यूनिटी राज्य में हैं। लैंज़र ने बीबीसी के न्यूज़आवर कार्यक्रम को बताया, "मुझे लगता है कि इस से इनकार नहीं किया जा सकता कि ज़रूर हज़ारों लोगों की जानें गई हैं।"
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इस बीच दक्षिणी सूडान के राष्ट्रपति सल्वा कीर ने कहा है कि उनकी सेनाओं ने अहम शहर बोर पर कब्ज़ा कर लिया है।

बोर पर कुछ दिन पहले ही विद्रोहियों ने एक हफ़्ते तक चले संघर्ष के बाद कब्ज़ा जमाया था।

दक्षिणी सूडान सरकार का कहना है कि पूर्व उपराष्ट्रपति रीक मशार के वफ़ादार लड़ाके "भाग रहे" हैं।

हालांकि विद्रोहियों ने इन बयानों पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

दक्षिणी सूडान में बीते एक हफ़्ते से डिंका समुदाय के कीर और नुएर समुदाय के मशार के सशस्त्र बलों में संघर्ष चल रहा है।

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि उसने तीन सामूहिक कब्रो का पता लगाया है। इनमें से एक बेंट्यू में है और दो राजधानी जुबा में हैं।

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि लोगों में "डर है" कि किसी ख़ास समुदाय से होने की वजह से उनकी हत्या हो सकती है।

'वापस नियंत्रण में'
राष्ट्रपति कीर ने राजधानी जुबा में पत्रकारों से कहा, "सरकारी सेनाओं ने बोर पर नियंत्रण कर लिया है और वहां जो भी विद्रोही सेनाएं बाकी बची हैं उन्हें हटाने का काम हो रहा है।"
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वहीं सूचना मंत्री माइकल मकवेई ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा, "सेना ने बोर शहर पर शाम के वक़्त कब्ज़ा किया और विद्रोही सेनाएं अब भाग रही हैं...हमने फिर नियंत्रण कर लिया है।"

संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिनिधि हिल्ड जॉनसन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सरकार के दावों की पुष्टि नहीं कर सकता लेकिन ऐसा ज़रूर लगता है कि सरकारी सेनाओं ने बोर के कुछ हिस्सों पर ज़रूर नियंत्रण हासिल कर लिया है।

राजधानी जुबा से 200 किलोमीटर दूर बोर पर नियंत्रण जमाना विद्रोहियों के लिए बड़ी कामयाबी की तरह था। ये माना जाता है कि उन्होंने अब भी तेल उत्पादक यूनिटी राज्य की राजधानी बेंट्यू पर नियंत्रण कर रखा है।

बोर पर विद्रोहियों के कब्ज़े के बाद करीब 17,000 लोगों ने संयुक्त राष्ट्र के शिविर में शरण ली थी।

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि कम से कम 80,000 लोग दक्षिणी सूडान में संकट की वजह से विस्थापित हुए हैं। इनमें से करीब आधे लोगों ने संयुक्त राष्ट्र के शिविरों में शरण ले रखी है।

दोनों बातचीत को तैयार
रेडियो तमज़ुज का कहना है कि सरकारी सेनाओं ने बोर में नुएर कमांडर पीटर गैडट की कमान वाली चौकियों पर दोपहर में हमला शुरू किया था।

कुछ ख़बरों के मुताबिक वहां एयरपोर्ट के नज़दीक अब भी लड़ाई हो रही है और सूचना मंत्री माइकल मकवेई ने भी कहा है कि "गोलीबारी हो रही है।"

राष्ट्रपति कीर ने कहा कि इसके अलावा मलाकल शहर में भी लड़ाई हो रही है और उनकी सेनाएं "बेंट्यू पर कब्ज़े के लिए तैयार हैं"।

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त नवी पिल्लई ने कहा, "डिंका और नुएर समुदाय के लोगों में इस बात का डर है कि उन्हें उनके समुदाय की वजह से निशाना बनाया जा सकता है।"

शरणार्थियों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूएनएचसीआर की प्रवक्ता रवीना शामदासानी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने बेंट्यू में एक सामूहिक कब्र में 14 शव देखे थे और 20 शव एक नदी के पास देखे थे।


हालांकि उन्होंने कहा कि सूडान की सेना के 75 सैनिकों का पता नहीं चल पाया है, ये सभी डिंका समुदाय के थे और आशंका है कि उनकी मौत हो चुकी है।

इसके अलावा जुबा में दो जगहों पर सामूहिक कब्र देखी गई है।

राष्ट्रपति कीर और पूर्व उपराष्ट्रपति मशार दोनों ही कहते हैं कि वो बातचीत के लिए तैयार हैं।

हालांकि मशार ये कह रहे हैं कि उनके राजनीतिक सहयोगियों को रिहा किया जाना चाहिए, जबकि कीर का कहना है कि बातचीत के लिए कोई शर्तें नहीं हो सकती।

मशार ने रेडियो फ़्रांस इंटरनैशनल से कहा कि उन्होंने अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी से मंगलवार को बात की है।
मशार ने आगे बताया कि उन्होंने बातचीत के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भी तैयार किया है और शायद बातचीत इथियोपिया में होगी।

अब तक 500 की मौत

उन्होंने कहा, "हम एक लोकतांत्रिक देश चाहते हैं। हम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं। हम चाहते हैं कि सल्वा कीर पद से हट जाएं।"

वहीं कीर ने मशार पर तख़्तापलट का आरोप लगाया है। कीर ने मशार को जुलाई में पद से हटा दिया था। वहीं मशार ने इन आरोपों को ग़लत बताया है कि वो सत्ता हथियाने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि एक हफ़्ते की लड़ाई में मौतों का आधिकारिक आंकड़ा 500 है लेकिन असली संख्या बहुत ज़्यादा हो सकती है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून संयुक्त राष्ट्र शांतिसैनिकों की संख्या 6,800 से बढ़ाकर 11,800 करने की अपील की है।

सूडान ने 22 साल तक गृह युद्ध झेला था जिसमें दस लाख से ज़्यादा लोग मारे गए। इसके बाद साल 2011 में दक्षिण सूडान स्वतंत्र हुआ।

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