दक्षिण कोरिया: मंत्रालय की 'सेक्सिस्ट' सलाह
दक्षिण कोरिया के श्रम मंत्रालय का कहना है कि महिलाओं को इंटरव्यू के दौरान अपने संभावित नियोक्ताओं से कहना चाहिए कि वे कार्यस्थल पर 'सेक्स को लेकर थोडे बहुत मजाक' का बुरा नहीं मानतीं।
कोरिया हेराल्ड अखबार के अनुसार साक्षात्कार के दौरान महिलाओ से पूछे जाने वाले संभावित सवालों के 'आदर्श जवाबों' पर सलाह सरकारी रोजगार जानकारी साइट पर दी गई है।
महिलाओं को मशवरा दिया गया है कि वह यौन प्रताडना पर पूछे गए सवालों का जवाब यह कहकर दें, "कई बार यह जरूरी हो जाता है कि मजाकिया लहजे में ही इससे निपटा जाए।"
परिवार के बारे में पूछे गए सवालों पर शादी करने के बारे में झूठ बोलने की सलाह दी गई थी क्योंकि "महिला कर्मचारियों का शादी के बाद नौकरी छोड़ना आम है।"
इन दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि छोटे-मोटे कामों को लेकर भी महिलाओं को "पूरे समर्पण का वायदा करना चाहिए, चाहे यह एक कप कॉफी बनाने जैसा काम ही क्यों न हो।" महिला अधिकार समूहों के इसे भेदभावपूर्ण बताए जाने के बाद इन दिशा-निर्देशों को हटा दिया गया है।
'पूरी तरह सेक्सिस्ट'
कोरियन काउंसिल ऑफ वीमेन ने एक बयान में कहा गया है, "किसी भी नियोक्ता का सिर्फ महिलाओं से शादी और बच्चों के बारे में पूछना सेक्सिस्ट (लैंगिक भेदभाव) है।"
कोरिया टाइम्स ने एक संपादकीय लेख ने इन दिशा-निर्देशों को 'पूरी तरह सेक्सिस्ट' बताते हुए कहा कि इस मुद्दे पर कहने के लिए उसके पास 'शब्द नहीं हैं'।
वेबसाइट से इस पोस्ट को हटाने के बाद मंत्रालय ने कहा है कि वह अपने कर्मचारियों को लैंगिक समानता की शिक्षा देने पर विचार करेगा।
कोरिया में महिला और पुरुषों का शैक्षिक स्तर समान है और विश्वविद्यालय की डिग्रियां दोनों के पास समान संख्या में हैं लेकिन कार्यस्थल पर लिंगभेद मौजूद है।
साल 2013 में महिला स्नातकों नौकरी देने के मामले में ओईसीडी (आर्थिक सहयोग और विकास संगठन) देशों में दक्षिण कोरिया आखिरी स्थान पर रहा था।