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सोमालियाई लुटेरों को 'जन्नत' में जेल
Updated Sat, 01 Jun 2013 07:48 AM IST
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दुनिया भर की अलग-अलग जेलों में एक हज़ार से ज़्यादा सोमालियाई मूल के समुद्री डाकू सज़ा काट रहे हैं। छोटे से द्वीपीय देश सेशेल्स में बनी एक ऐसी ही जेल में कुछ सोमालियाई लुटेरे रखे गए हैं।
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ख़ास बात यह है कि इस जेल को संयुक्त राष्ट्र से मिली आर्थिक मदद से चलाया जाता है।
समुद्र के किनारे मौजूद भारतीय दुकानदारों ने मोंटेन पोसे स्थित जेल के बारे में सुना तक न था लेकिन एक गांव वाले ने मुझे केलों के घने से होकर उस तरफ़ जाने का रास्ता बताया।
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और जैसे ही समंदर दूर होता चला गया और रास्ते ऊँचाई की तरफ बढ़ते गए मैंने आगे बढ़ने की दिशा के बारे में पूछना छोड़ दिया।
तभी पीली गैलिस में दो लोग दिखाई दिए। हाथ में बालू उठाने वाला बेलचा लिए ये लोग जैसे ही मेरी तरफ़ मुड़े, मैंने देखा कि वह एक क़ैदी है।
सबसे पहले उसने मुझसे सिगरेट के बारे में पूछा, फिर पैसे के बारे में और उसके बाद उसने कहा, “मुझे कुछ भी दे दो। मेरे पास कुछ भी नहीं है। मैं सोमालिया से हूं।”
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प्रत्यर्पण का इंतज़ार
यह समुद्री लुटेरों की जेल थी, पहाड़ की ऊँचाई पर कहीं छिपी हुई सी।
यहां से सैकड़ों मीटर नीचे समंदर के सफ़ेद किनारों के बीच बनी ख़ूबसूरत झोपड़ियों में एक रात गुज़ारने के लिए मोटी जेबों वाले सैलानी ढाई लाख रुपए तक ख़र्च करने के लिए तैयार रहते हैं।
यहां आने वाले सैलानियों को संयुक्त राष्ट्र के ड्रग और अपराध नियंत्रण कार्यालय की ओर से तीन साल पहले खोले गए इस जेल के बारे में कुछ भी पता नहीं है।
यहां 66 सोमालियाई लुटेरे या तो मुक़दमा शुरू होने का इंतज़ार कर रहे हैं या, अगर अपराध साबित हो चुका है तो बाक़ी की सज़ा अपने घर पर काटने के लिए प्रत्यर्पण का इंतज़ार कर रहे हैं।
अगली सुबह एक ख़ूबसूरत सी जगह को देखने के लिए मैं तड़के ही सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया पहुंच गया। उस जगह के बारे में कहा जा रहा था कि वह अब अपने अंतिम दिनों में ही है। शहर के बीचों बीच बनी इस क्रिओल कोर्ट हाउस का रंग सफ़ेद और काला है।
इस इमारत के बाहर हाथ बंधे क़ैदियों का एक समूह बेंच पर बैठा हुआ था। सुबह की गुनगुनी धूप का असर वहां के माहौल में महसूस किया जा सकता था।
एक ही रस्सी से बंधे छह सोमालियाई लुटेरों को उस छोटी सी अदालत में मौजूद जज के सामने लाया गया। वहां अदालती लिबास में नौ वकील भी थे लेकिन किसी ने भी उन सोमालियाई लोगों की तरफ़ नज़र तक नहीं फेरी।
निजी फ़ायदा
यमन से सैंकड़ो मील उत्तर में पिछले अगस्त के दौरान इन छह लोगों को गिरफ़्तार किया गया था। उन पर एक मालवाहक जहाज़ पर चढ़ने की कोशिश करने का आरोप था। उन्हें हॉलैंड की नौसेना ने स्पेन के हेलिकॉप्टरों की मदद से पकड़ा था।
ब्रितानी मूल के चार्ल्स ब्राउन पेशे से वकील हैं। चार्ल्स को इन सोमलियाई लोगों पर चल रहे मुक़दमें में मदद करने के लिए भेजा गया है।
चार्ल्स ने मुझे बताया कि कि जब वह पहली बार यहां आए थे तो हैरत में पड़ गए। लेकिन वह कहते हैं कि सोमाली लोग खुशमिज़ाज और तेज़तर्रार होते हैं।
ब्राउन यहां यह साबित करने आए हैं कि ये छह लोग निजी फ़ायदे के लिए जहाज़ पर हमला कर रहे थे और उन्हें एक निजी जहाज़ चलाते हुए पकड़ा गया था।
संदिग्ध सोमाली लोग शायद ही कभी हथियारों के साथ पाए जाते हैं। हालांकि हेलिकॉप्टर से उन्हें जहाज़ पर कुछ फेंकते हुए देखा गया है। ज़्यादातर सोमालियाई क़ैदियों का कहना है कि वे आर्थिक रूप से पिछड़े तबक़े से आते हैं या फिर वे साधारण मछुआरे हैं।
इस दलील पर ब्राउन का कहना है कि क़ब्ज़े में ली गई उनकी नावों में शायद ही कभी ठंडी रखने वाली मशीन या मछली पकड़ने वाला जाल पाया जाता हो।
हिंद महासागर में गश्त
एक वक़्त था जब बहुत से लुटेरे पकड़े जाते थे और उन्हें वापस सोमालिया के समुद्री तटों पर छोड़ दिया जाता था। लेकिन इन दिनों हालात बदल गए हैं। हिंद महासागर में गश्त बढ़ा दी गई है और कई लुटेरों का अपराध साबित किया जा रहा है।
सेशेल्स में कुछ दिनों पहले 17 सोमालियाई लोगों को वापस उनके घर भेजा गया है। इसके लिए सोमालिया के अपेक्षाकृत सुरक्षित पंटलैंड इलाक़े में संयुक्त राष्ट्र ने एक जेल बनाने में आर्थिक मदद मुहैया कराई है।
यहां भेजे जाने वाले क़ैदियों में से ज़्यादातर को 10 से 20 साल तक की सज़ा दी जाती है। 59 सोमालियाई लुटेरों के मामले निपटा कर उन्हें अभी तक यहां भेजा जा चुका है।
एलन कोल संयुक्त राष्ट्र संघ की तरफ़ से समुद्री लुटेरों को हटाने के लिए चलाई जा रही मुहिम से जुड़े हुए हैं। वह कहते हैं कि घर वापस लौटकर सोमाली खुश ही होते हैं।
लेकिन वह एक ऐसे सोमालियाई का उदाहरण देते हैं जिसने सेशेल्स में रुकने का विकल्प चुना। वह अंग्रेज़ी सीख रहा था और अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहता था। सेशेल्स की इस जेल में उसने थोड़ी बहुत पढ़ाई की जोकि सोमालिया में मुश्किल था।
रईस सैलानी
चार्ल्स ब्राउन को यक़ीन है कि समुद्री लुटेरों के ख़िलाफ़ चलाया जा रहा अभियान सफल हो रहा है। वे इसका श्रेय नौसेना की कोशिशों और सोमालिया तट छोड़ने वाले नावों पर नज़दीक़ी निगरानी रखने को देते है।
इस बीच सेशेल्स में नई इमारतों का बनना जारी है। रूस और अरबों की तरफ से आ रहे पैसे ने कुछ ऐसे बदलावों को हवा दी है जो शायद सबको पसंद न आए।
ख़ूबसूरत जंगलों और समंदर के किनारों पर इसका असर देखा जा रहा है, मोंटेन पोसे का किला कभी ग़ुलामों की कॉलोनी हुआ करता था।
विक्टोरिया के आसमान में अरबों के पैसे से बनी ऊँची इमारतें दिखाई देती हैं जिन्हें बदसूरत कहा जा सकता है।
क्रिओल कोर्ट हाउस की इस पुरानी इमारत में जहां ‘इंसाफ़ होता हुआ दिखता’ है, को अब एक म्यूजियम में बदला जा रहा है।
अदालत अब शहर की एक दूसरी इमारत में चलेगा। इस बीच रईस सैलानियों का अपनी पंसदीदा सैरगाह पे आना जारी है और सोमाली लोग अपनी जेल की दीवारों के भीतर फ़ुटबॉल खेल रहे हैं और बाग़बानी के गुर सीख रहे हैं।