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फर्जी रेप पीड़ित को एक साल की सजा
Updated Thu, 07 Feb 2013 10:22 AM IST
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सोमालिया में सुरक्षा बलों पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली एक महिला को एक साल कैद की सजा सुनाई गई है। इस महिला को गलत आरोप लगाने और एक सरकारी संस्था का अपमान करने का दोषी पाया गया है।
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इस महिला का इंटरव्यू करने वाले एक पत्रकार को भी राजधानी मोगादिशु की अदालत ने दोषी पाया है। इस पत्रकार ने इंटरव्यू तो किया था लेकिन उसकी रिपोर्ट को प्रकाशित या प्रसारित नहीं किया था।
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जज अहमद अदेन फराह ने कहा है कि ‘दोषी’ महिला को तुरंत जेल नहीं भेजा जाएगा क्योंकि उसका एक छोटा बच्चा है। मोगादिशु में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस मामले पर रोषपूर्ण प्रतिक्रिया हुई है। बहुत से मानवाधिकार समूह इस मामले के पीछे राजनीति को मानते हैं।
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आलोचना
जज फाराह ने कहा कि उन्होंने इन चिकित्सीय सबूतों के आधार पर अपना फैसला दिया है जो कहते हैं कि महिला का बलात्कार नहीं हुआ। इस महिला ने आरोप लगाया था कि मोगादिशु के होदान इलाके में स्थित थाने में उसका कथित रूप से बलात्कार किया गया।
समाचार एजेंसी एएफपी ने जज के हवाले से लिखा है कि बलात्कार के उसके दावे से सरकारी संस्थान का अपमान हुआ है और हम इसके लिए उसे एक साल की सजा देते हैं। बच्चे का स्तनपान पूरा हो जाने के बाद वो उसे जेल में रहना होगा।
इस मामले में पत्रकार अब्दीअजीज अब्दीनुर इब्राहिम को 10 जनवरी से जेल में रखा गया है। महिला का इंटरव्यू लेने के दो दिन बाद ही उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया था। अभियोजकों का कहना है कि इब्राहिम ने इस महिला को झूठ बोलने के रिश्वत दी थी। अदालत के फैसले के बाद पत्रकार के वकील ने बीबीसी की सोमाली सेवा को बताया कि उन्हें अदालत में चश्मदीद पेश नहीं करने दिए गए।
पिछले हफ्ते यौन हिंसा के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि जेबान बांगुरा ने कहा कि इस मुद्दे पर सोमाली सरकार की सोच न्याय के हित में नहीं है, बल्कि इससे पीड़ित को आतंकित किया जा रहा है और प्रेस की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बंदिशें लगाई जा रही हैं।