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धुएं के कारण लगानी पड़ी इमरजेंसी

Mon, 24 Jun 2013 08:19 AM IST
Updated Mon, 24 Jun 2013 08:19 AM IST
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smog in malaysia

इंडोनेशिया के जंगलों में लगी आग से उठे स्मॉग यानी कोहरे मिश्रित धुएं ने पड़ोसी देश मलेशिया के दो दक्षिणी जिलों में भी आम जनजीवन ठप कर दिया है।

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स्मॉग के खतरनाक स्तर तक पहुँच जाने के बाद वहां आपातकाल की घोषणा की गई है।

तटीय शहर म्यूएर और लेडांग में लोगों को अपने घरों के अंदर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मलेशिया की राजधानी कुआलालम्पुर में भी वायु प्रदूषण की स्थिति बिगड़ गई है। शहर की पहचान समझी जाने वाले पेट्रोनास टावर के आसपास भी धुएँ का गुबार है।

मलेशिया के पर्यावरण मंत्री इस समस्या पर चर्चा करने के लिए बुधवार को इंडोनेशिया के पर्यावरण मंत्री से मिलेंगे।

बीबीसी की कुआलालम्पुर संवाददाता जेनीफर पाक के अनुसार मलेशिया को हर साल स्मॉग की समस्या सामना करना पड़ता है लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि इसके कारण आपातकाल घोषित करना पड़ा है।
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आम लोग इस बात को लेकर नाराज हैं कि अधिकारी उनकी सेहत के लिए मौजूद खतरे से ठीक ढंग से नहीं निपट पाए हैं।

स्कूल बंद

अधिकारियों ने रविवार को बताया कि म्यूएर और लेडांग में प्रदूषक मानक सूचकांक (पीएसआई) 700 तक पहुँच गया है, जो आम तौर पर 300 से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

इसे देखते हुए स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया गया है। अधिकारियों ने नागरिकों को बचाव के लिए फेस मास्क वितरित किए हैं।

बीबीसी संवाददाता के अनुसार कुआलालम्पुर में अब से पहले तक स्मॉग का असर ज़्यादा नहीं था लेकिन अब यहाँ भी इसका असर बढ़ता जा रहा है। शहर में स्मॉग की गंध बढ़ती जा रही है।
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कुआलालम्पुर के निवासी राज अहमद ने बीबीसी से कहा, “सुबह उठते ही आपको लकड़ी के जलने की गंध आती है। खिड़की से बाहर देखते हैं तो शहर की मुख्य इमारतें स्मॉग से ढँकी नजर आती हैं।”

सिंगापुर से लेकर मलेशिया तक फैले खतरनाक स्तर वाला यह स्मॉग इंडोनेशिया के रियू प्रांत के जंगलों में लगी आग की वजह से उठा है।

आरोप है कि यह आग ताड़ का तेल बनाने वाली कंपनियाँ लगाती हैं। ये कंपनियाँ रियू प्रांत के जंगलों में आग लगाकर ताड़ के नए पेड़ लगाने के लिए जमीन साफ करती हैं।


इनमें से कुछ कंपनियां सिंगापुर हैं और कुछ मलेशिया की।

पर्यावरण को भारी नुकसान


पर्यावरण समूह ग्रीनपीस इंटरनेशनल ने 11 जून से 21 जून के बीच के नासा के आँकड़ों का विश्लेषण करके बताया है कि “ताड़ के तेल वाले क्षेत्र में कई जगहों पर आग लगी हुई है।”

सुमात्रा के अग्निशमन कर्मचारी लगातार आग को काबू करने का प्रयास कर रहे हैं।

अगले हफ्ते ब्रुनेई में होने वाली एशियान के बैठक में इस मुद्दे के प्रमुखता से उठाए जाने की उम्मीद है।

1997 और 1998 में दक्षिण-पूर्वी एशिया में उठे इस स्मॉग ने इंडोनेशिया़ मलेशिया़, सिंगापुर, ब्रुनेई और दक्षिणी फिलीपींस को अपने प्रभाव में ले लिया था। एक अनुमान के मुताबिक उस समय इससे पर्यावरण को पहुँचे नुकसान के साथ ही करीब नौ अरब तीस करोड़ डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ था।

इस कारण से क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है। रिपोर्टों के अनुसार स्मॉग के कारण 2 करोड़ लोग बीमार हो गए हैं।

स्मॉग के कारण सड़क, समुद्र और हवाई यात्रा के दौरान होने वाली दुर्घटनाएँ बढीं हैं।

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