फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   slogan in favour of narendra modi in nepal

नेपालः आंदोलनकारियों ने लगाए मोदी-मोदी के नारे

Wed, 23 Sep 2015 10:57 AM IST
अतुल मिश्र/ अमर उजाला, काठमांडू
अतुल मिश्र/ अमर उजाला, काठमांडू Updated Wed, 23 Sep 2015 10:57 AM IST
विज्ञापन
slogan in favour of narendra modi in nepal

बिहार से सटे नेपाल के सीमावर्ती सखड़ा छिन्नमस्ता गांव में मंगलवार को भारत की ओर से नेपाल को नाकेबंदी करने के संकेत देने पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारेबाजी हुई।

विज्ञापन


भारत सरकार की ओर से सोमवार रात जारी बयान के वाद मोदी के पक्ष में मधेसी जनता ने नारेबाजी की।

मधेसी मोर्चा के घटक दल सद्भावना पार्टी के महासचिव मनीष सुमन ने अमर उजाला से कहा की भारत की ओर से मधेसियों के समर्थन में जारी बयान के वाद मधेसीयों में पहले से रहा भारत के प्रति सद्भाव और बढ़ गया है।

विज्ञापन

कोइराला की अपील ठुकराई

slogan in favour of narendra modi in nepal

वहीं नेपाली संविधान के खिलाफ आंदोलन कर रहे मधेसी और थारू नेताओं ने प्रधानमंत्री सुशील कोइराला की सुलह की अपील ठुकरा दी है। कोइराला ने मंगलवार को आंदोलनरत मधेसी दल के नेता महंत ठाकुर से मिलकर समस्या का हल निकालने का आश्वास दिया, लेकिन इस आश्वासन को सिरे से खारिज करते हुए पहले संविधान संशोधन करने की शर्त रखी गई।

संयुक्त लोकतांत्रिक मधेसी मोर्चा के घटक दल तराई मधेस लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष महंत ठाकुर ने अमर उजाला से कहा कि प्रधानमंत्री ने बस पुरानी बातें दोहराई, समस्या का हल निकालने को लेकर ठोस बातचीत नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पीएम उनके साथ जव वार्ता कर रहे थे ठीक उसी वक्त कलैजा जिले में पुलिस घर में घुसकर मधेसियों के साथ ज्यादती कर रही थी।

प्रधानमंत्री कोइराला ने तराई मधेश लोकतांत्रिक पार्टी के केंद्रीय कार्यालय पहुंचकर मधेसी मोर्चा के मुख्य नेता रहे ठाकुर से बातचीत की थी। हालांकि ठाकुर ने शुरुआत में वार्ता को लेकर अनिच्छा जाहिर की थी, लेकिन कोइराला ने अपनी पुरानी दोस्ती का हवाला देते हुए ठाकुर से मिलने की अपील की, जिसके बाद दोनों में मुलाकात हुई।

ठाकुर ने कहा, ‘प्रधानमंत्री जी यह गोरखा नहीं नेपाल सरकार है, गोरखाओं ने लूटपाट कर मधेस क्षेत्र पर शासन किया था। आप (पहाड़ी मूल) अब भी खुद को शासक और हमलोग को प्रजा के रूप में  देख रहे हैं जो अव संभव नही है ।’

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed