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शिंजो आबे होंगे जापान के प्रधानमंत्री

Wed, 26 Dec 2012 07:32 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Wed, 26 Dec 2012 07:32 PM IST
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shinzo abe elected as japan prime minister

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को एक बार फिर जापान के सांसदों ने प्रधानमंत्री के तौर पर चुन लिया है। इस महीने की शुरुआत में आबे की पार्टी ने चुनाव में शानदार जीत हासिल की थी जिससे सत्ता में उनकी वापसी सुनिश्चित हुई।

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आबे की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) और इसके गठबंधन साझेदार के पास फिलहाल निचले सदन में दो-तिहाई बहुमत है। सत्तासीन डेमोक्रेटिक पार्टी (डीपीजे) को चुनाव में जबरदस्त झटका लगा और इस पार्टी के नेता योशिहीको नोदा ने अपनी हार स्वीकार कर प्रधानमंत्री का पद छोड़ दिया था।
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आबे वर्ष 2006-07 के दौरान प्रधानमंत्री थे। वह बुधवार को अपने नए मंत्रिमंडल के गठन की घोषणा कर सकते हैं। आबे को एक आक्रामक और दक्षिणपंथ की ओर रुझान रखने वाले मध्यमार्गी नेता के तौर पर देखा जाता है। उनकी लोकप्रियता में कमी आने और ख़राब स्वास्थ्य के आधार पर इस्तीफ़ा लेने की वजह से प्रधानमंत्री के तौर पर उनका पहला कार्यकाल खत्म हुआ।
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58 साल के आबे पूर्व प्रधानमंत्री के पोते और पूर्व विदेश मंत्री के बेटे हैं। उन्होंने चीन के साथ कुछ क्षेत्रीय मतभेदों पर कड़ा रुख अख्तियार करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। दूसरी ओर चीन में नई सरकार ने पूर्वी चीन सागर में मौजू़द द्वीपों से जुड़े विवाद पर एक 'व्यावहारिक कदम' उठाने की गुज़ारिश की है।

आबे की नीतियां
आबे ने जापान के शांतिवादी संविधान में संशोधन करने और देशभक्ति की भावना को बढ़ाने की अपनी ख्वाहिश ज़ाहिर की है। वर्ष 2009 में डीपीजे सत्ता में आई थी और इसने कल्याणकारी काम से जुड़े खर्च को बढ़ाने और नौकरशाही तथा बडे़ कारोबार के बीच के गठजोड़ को ख़त्म करने का वादा किया था।

यह सरकार आर्थिक मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन करने में नाकाम रही। साथ ही पिछले साल 11 मार्च को आए भूकंप और सुनामी के दौरान भी स्थिति संभालने के लिए इस सरकार को कोई समर्थन नहीं मिल पाया। इस दफा आबे ने अपने चुनावी अभियान के दौरान आर्थिक निष्क्रियता के दौर को ख़त्म करने का वादा किया था।


उन्होंने सार्वजनिक खर्च बढ़ाने और उदार मौद्रिक नीति अपनाने की बात भी की थी। कुछ अर्थशास्त्रियों का कहना है कि आबे की नीतियों में ज्यादा कुछ नया नहीं है। आबे ने यह भी कहा है कि पिछले साल के आपदा के बावजूद वह जापान के भविष्य में नाभिकीय ऊर्जा की अहम भूमिका की इजाजत देंगे।

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