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कहां गया MH 370, ब्लास्ट हो गया या एलियन ले गए?

Tue, 26 Jul 2016 02:39 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 26 Jul 2016 02:39 PM IST
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searchers to end probe of MH 370
MH 370

पिछले दो सालों से भी ज्यादा समय से 239 यात्रियों के साथ गायब मलेशियाई एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या 370 का अब तक पता नहीं चल सका है। इसी के साथ इसकी तलाश के भी बंद होने की खबर से इसका पता लग पाना अब नामुमकिन सा हो गया है।

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क्वालालमपुर में एक व्यवसायी टोनी वोंग कहते हैं कि मुझे आश्चर्य नहीं होता है कि इस पड़ताल को बिना किसी जानकारी के जुटाए बंद किया जा रहा है। लोग धीरे-धीरे इस हादसे को भूलते जा रहे हैं और कोई भी इस हादसे की सच्चाई नहीं जान सकेगा। इस हादसे की सच्चाई का पता चल सकता था अगर सही जगह पर जांच की जाती,लेकिन इस सर्च ऑपरेशन की यही तो परेशानी रही।
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गौरतलब है कि 8 मार्च 2014 को क्वालालंपुर से ब‌िजिंग जाते समय बोइंग 777-200ER गायब हो गया था। जांचकर्ताओं का मानना है कि गायब होने से पूर्व ये विमान ऑस्ट्रेलिया के पच्‍छिम में अचानक पच्‍छिम की ओर पलता और दक्षिण की ओर और फिर इसका कुछ पता नहीं चला। मलेशियाई सरकार के अनुसार इसे नुकसान पहुंचाया गया है। 

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नए साक्ष्य की आस में जांचकर्ता

searchers to end probe of MH 370
MH370

कुछ लोगों का मानना है कि जहाज में विस्फोट हो गया और उसके टुकड़े समंदर में फैल गये जिस कारण उसका पता नहीं चल पा रहा है। वहीं कुछ का मानना है कि उसे किसी हवाई अड्डे पर उतार दिया गया होगा। तो कुछ कहते हैं कि एलियन उसे ले गए होंगे। जिन लोगों ने इस हादसे में अपनों को खोया है वह इस जांच के बंद होने की खबर से नाराज हैं।

उनका मानना है कि इस हादसे की जांच कर रहे जांचकर्ताओं और सरकार ने  खोज में कोताही बरती। उन लोगों का कहना है कि सरकार ने केवल अपने फायदे की ओर ध्यान दिया न की लोगों की खोज में। हादसे में गायब हुए हू की मां ने कहा कि हम मांग करते हैं कि इस जांच को फिर से शुरु किया जाए।

उल्लेखनीय है कि इस जांच को बंद करने का फैसला तीन देशों मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया और चीन ने मिलकर लिया है। इन्हीं देशों ने इस हादसे में सबसे ज्यादा नागरिक खोए हैं। इस खोज के लिए तीनों देशों ने मिलकर करीब 135 मिलियन डॉलर खर्च कर चुके हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांचकर्ताओं ने जांच को बंद करने की बात नहीं कही है, हां इतना जरूर कहा है कि वह अगर कोई नया सुराग मिलता है तो वह इसे आगे बढ़ाएगी। ये जांच केवल इसलिए जरूरी नहीं है क्योंकि गायब हुए यात्रियों के परिवार वालों को इसकी जानकारी चाहिए, बल्‍कि एयरलाइन कारोबार के लिए भी जरूरी है कि क्यों एक विमान अचानक नीचे आया और गायब हो गया। ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

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