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रूस ने बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया

Wed, 05 Mar 2014 04:49 PM IST
Updated Wed, 05 Mar 2014 04:49 PM IST
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Russian missile test

यूक्रेन के क्राईमिया इलाके को लेकर जारी तनाव के बीच रूसी फ़ौज ने कहा है कि उसने एक अंतर-महाद्वीय बैलिस्टिक मिसाइल प्रयोग के तौर पर दागी है। फ़ौज का कहना है कि टोपोल आरएस-12एम मिसाइल कैस्पियन सागर के नज़दीक स्थित रूस के कैप्स्टिन यार परीक्षण रेंज से कज़ाख़स्तान के सेरी शेगन रेंज के लिए छोड़ी गई। रूस के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम इस मिसाइल का परीक्षण सफल रहा है। माना जा रहा है कि इस मिसाइल परीक्षण की योजना रूस ने बहुत पहले बनाई थी, लेकिन इसकी वजह से यूक्रेन के मौजूदा संकट में एक और आयाम जुड़ गया है।

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समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, अमेरिका का कहना है कि इस मिसाइल परीक्षण के बारे में उसे पहले ही बता दिया गया था क्योंकि द्विपक्षीय हथियार संधियों के तहत ऐसा किया जाना ज़रूरी होता है। इससे पहले, अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने यह कहकर रूस की भर्त्सना की है कि यूक्रेन में उसकी कार्रवाई आक्रामक है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की सरकार ने बहुत संयम दिखाया है जिसकी वह सराहना करते हैं।
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यूक्रेन की राजधानी कीएफ़ में कैरी ने कहा कि रूस, क्राईमिया में रूसी भाषी लोगों को बचाने की बात करता है जो दरअसल उसका एक बहाना है। कैरी ने कहा कि यूक्रेन के लिए धमकी और झूठी बातें करने के पीछे दरअसल रूस का हाथ है जिसे वह छिपा रहा है। उनके इस बयान से कुछ देर पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा था क्राईमिया में रूस के सैनिक सक्रिय हैं, इसका मतलब यह है कि रूस पड़ोसी मुल्क पर दबाव के लिए अपनी अवैध ताकत का इस्तेमाल कर रहा है।

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यूक्रेन में असंवैधानिक तख्तापलट

Russian missile test

इससे पहले, रूस से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन में रूसी सेना भेजने की अभी कोई ज़रूरत नहीं है। हालांकि उन्होंने भविष्य में सेना भेजने की संभावना से इनकार नहीं किया। उन्होंने एक पत्रकार वार्ता में कहा, "रूस के पास अपने नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए 'कोई भी क़दम' उठाने का अधिकार है।"

पुतिन ने कहा, "फ़िलहाल सेना भेजना की कोई ज़रूरत नहीं है लेकिन इसकी संभावना बनी हुई है। इस वक़्त मैं आपसे कह सकता हूँ कि रूस के हालिया सैन्य अभ्यास का यूक्रेन के ताज़ा घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है।" क्राईमिया में रूस और यूक्रेन के सैन्य बलों के बीच तनावपूर्ण गतिरोध बना हुआ है।

पुतिन ने यूक्रेन के अपदस्थ राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच को पद से हटाए जाने को 'असंवैधानिक तख्तापलट और सत्ता पर हथियार के दम पर किया गया कब्जा' बताया। उन्होंने कहा, 'चरमपंथियों' ने देश को 'अराजक' हालात में धकेल दिया है। पुतिन ने कहा कि यानुकोविच ने विपक्ष की सभी मांगें मान ली थीं।

राष्ट्रपति को हटाने के तीन तरीके ही वैध

Russian missile test

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यानुकोविच अब भी यूक्रेन के वैध राष्ट्रपति हैं। राष्ट्रपति को हटाने के तीन तरीके उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को हटाने के केवल तीन तरीके हैं:- मौत, निजी इस्तीफ़ा और महाभियोग। पुतिन ने कहा, "पूर्वी यूक्रेन के रूसी भाषी लोग रूस से मदद मांगते हैं तो रूस उनकी मांग पर कार्रवाई करेगा।"

उन्होंने कहा कि, "अगर पूर्वी यूक्रेन में अराजकता बनी रहती है तो रूस के पास कोई भी क़दम उठाने का अधिकार है।" पुतिन ने कहा कि क्राईमिया में यूक्रेन के सैन्य ठिकानों को रूसी सेना ने नहीं बल्कि रूस-समर्थक हथियारधारियों और आम जनता ने घेरा हुआ है। यूक्रेन ने कहा है कि रूस ने पिछले कुछ दिनों में क्राईमिया में हज़ारों सैनिकों को तैनात किया है।

सबसे ज़्यादा तनाव क्राईमिया के तटीय शहर सेवेस्तपोल शहर में है। इस शहर में रूस के काला सागर बेड़े का ठिकाना है। अपदस्थ किए जाने के बाद यूक्रेन छोड़ने के बाद यानुकोविच रूस चले गए हैं। पुतिन ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि उनका कोई राजनीतिक भविष्य है।" उन्होंने कहा कि रूस ने 'मानवीय आधार' पर उनकी मदद की है वरना 'उन्हें मार दिया जाता।'

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