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'धांधली' के आरोपों के बीच मुगाबे फिर राष्ट्रपति
नई दिल्ली
Updated Sun, 04 Aug 2013 04:48 AM IST
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ज़िम्बाब्वे के राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे ने सातवीं बार राष्ट्रपति पद का चुनाव जीत लिया है। चुनावों में तमाम धाँधली के कथित आरोपों के बीच अधिकारियों ने उनके निर्वाचन की घोषणा की।
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89 वर्षीय मुगाबे ने 61 प्रतिशत मतों के साथ जीत हासिल की। चुनाव में उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी और मौजूदा प्रधानमंत्री मॉर्गन चांगिराई को हराया जिन्हें महज 31 प्रतिशत वोट ही हासिल हो सके।
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चांगिराई ने ये भी कहा था कि उनकी पार्टी मूवमेंट फॉर डिमॉक्रेटिक चेंज मुगाबे की पार्टी के साथ अब आगे काम नहीं करेगी।चांगिराई ने चुनाव में धाँधली का आरोप लगाया था और कहा था कि इसे वो अदालत में चुनौती देंगे।
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इससे पहले मुगाबे की पार्टी ने संसदीय चुनाव में भी दो तिहाई बहुमत प्राप्त कर लिया।
जिम्बाब्वे के चुनाव आयोग के मुताबिक राष्ट्रपति मुगाबे की पार्टी ज़ानू-पीएफ ने 210 सदस्यीय संसद में 142 सीटें जीत ली हैं।
बहुमत
विश्लेषकों का कहना है कि ज़ानू-पीएफ पार्टी ने देश का संविधान बदलने लायक बहुमत हासिल कर लिया है।
हालांकि चुनावों में कई तरह की धाँधली के भी आरोप लगे हैं और राष्ट्रपति मुगाबे को चुनौती दे रहे मौजूदा प्रधानमंत्री मॉर्गन चांगिराई ने चुनावों को तमाशा करार दिया है।
एक स्थानीय मॉनीटरिंग समूह ने भी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
इससे पहले, दो प्रमुख पर्यवेक्षक समूहों ने कहा था कि मतदान निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए।
अफ्रीकी संघ मिशन के प्रमुख ओलुसेगुन ओबासान्जो ने धोखाधड़ी की शिकायतों को खारिज कर दिया, जबकि एक अन्य पर्यवेक्षक ने सभी पार्टियों से तथ्य को स्वीकार करने की अपील की।
ज़ानू-पीएफ और चांगिराई की पार्टी मूवमेंट फॉर डिमॉक्रेटिक चेंज ने साल 2009 से ही गठबंधन सरकार बना रखी है लेकिन दोनों में तालमेल की कमी है।
पिछले साल राष्ट्रपति चुनाव के बाद हुई बड़े पैमाने पर हिंसा के बाद ये गठबंधन टूट गया था।