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गांव वालों ने 10 रिफ्यूजी को रखने से किया मना, देना पड़ा ढाई करोड़ से ज्यादा का जुर्माना
टीम डिजिटल/अमर उजाला,नई दिल्ली
Updated Wed, 01 Jun 2016 07:17 AM IST
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स्विटजरलैंड का ओबरविल लिलि यूरोप के सबसे अमीर गांवों में से एक
- फोटो : independent
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स्विटजरलैंड का ओबरविल लिलि यूरोप के सबसे अमीर गांवों में से एक है। स्विटजरलैंड सरकार ने ओबरविल लिलि गांव को 10 शरणार्थियों को गांव में रहने की इजाजत देने के लिए कहा था। सरकार ने कहा अगर गांव वाले ऐसा नहीं करते तो उनसे फाइन वसूला जाएगा। गांव वालों ने शरणार्थियों को रखने से इंकार कर दिया और 400,000 लाख डॉलर तकरीबन ढाई करोड़ रुपए से ज्यादा का जुर्माना भरा है।
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स्विटजरलैंड के ओबरविल लिलि गांव में 2,200 लोगों की आबादी है और इनमें करीब 300 लोग करोड़पति हैं। शरणार्थियों को गांव में रहने की इजाजत दी जाए या नहीं इस पर ओबरविल लिलि गांव में जनमत संग्रह कराया गया। गांव के 52 प्रतिशत लोगों ने शरणार्थियों को रहने की इजाजत नहीं देने के पक्ष में वोट डाला।
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गांव वालों ने मेल ऑनलाइन को बताया,'हम शराणार्थियों को गांव में नहीं रखना चाहते। हम लोगों ने कड़ी मेहनत करके गांव को खूबसूरत बनाया है हम इसे बरबाद नहीं करना चाहते। वैसे भी शरणार्थी यहां पर फिट नहीं हो पाएंगे।' स्विटजरलैंड की सरकार ने देश में 50,000 शराणार्थियों को रखने के लिए 26 काउंटीज में कोटा तय किया है।
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एमनेस्टी के यूके पिफ्यूजी प्रोग्राम डायरेक्टर स्टीव सिमंडस ने कहा, 'विश्व में शरणार्थियों को केवल गरीब देशों के भरोसे नहीं छोड़ देना चाहिए। बल्कि मौजूदा संकट से निपटने के लिए हम सबको सहयोग करने की जरूरत है।'