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थाईलैंड की गुफा में फंसे बच्चों की दुश्मन बनी बारिश, बार-बार रुकी बचाव मुहिम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 08 Jul 2018 07:00 AM IST
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थाईलैंड की गुफा में फंसे 12 फुटबालर किशोर और उनके कोच की जान हर मिनट मुश्किल में फंसती जा रही है। बचाव दल उन्हें बाहर निकालने में 14वें दिन भी सफलता हासिल नहीं कर पाया है। जबकि घटनास्थल वाले प्रांत चियांग राय के गवर्नर पास्साकोर्न बूनयालक ने कहा है कि गुफा में फंसे लोगों को हर सूरत में चार दिन के भीतर बाहर निकालना होगा, अन्यथा बिगड़े हुए मौसम के कारण गुफा में ऑक्सीजन की मात्रा घट जाएगी। इस बीच खराब मौसम के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन को बार-बार रोकना पड़ रहा है जिसके चलते चिंता और भी बढ़ गई हैं।
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मौसम विभाग ने शनिवार से एक सप्ताह तक यहां भारी बारिश की चेतावनी दी है। यदि तेज बारिश हुई तो गुफा में जलस्तर बढ़ने से बचाव कार्य और भी कठिन हो जाएगा। थाईलैंड के गृहमंत्री अनुपोंग पाओजिंदा ने मौके पर पहुंचकर कहा कि गुफा में मेडिकल व अन्य सुविधाओं के लिए टीम की तैनाती के बावजूद बारिश की वजह से बचाव कार्य में बाधा आ रही है। दूसरी तरफ गुफा में ऑक्सीजन का स्तर खतरे के निशान तक गिर गया है। चियांग राय प्रांत के गवर्नर के मुताबिक यदि गुफा में कार्बन डाई-ऑक्साइड की मात्रा बढ़ गई तो यहां फंसे लोगों के खून में जहर भर सकता है।
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बचाव अभियान के प्रमुख ने कहा कि गुफा परिसर में फंसे किशोरों तक पहुंचने के लिए पहाड़ी इलाके में 100 से ज्यादा चिमनी ड्रिल की जा रही हैं। नारोंगसाक ओसोट्टानाकोर्न ने सवाददाताओं से कहा कि कुछ चिमनियां 400 से 600 मीटर तक गहरी होने के कारण उन्हें सही जगह नहीं मिल पा रही है। गुफा में ऑक्सीजन भेजने के सवाल पर उन्होंने कहा कि बचाव टीम ने पंपों के जरिए ताजा हवा की लाइन बिछाने में कामयाबी पाई है, लेकिन इस पर और काम बाकी है।
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बच्चों ने भोजन मांगा और शिक्षकों से कहा उन्हें ज्यादा होमवर्क न दें
गुफा में फंसे 12 किशोरों और उनके फुटबाल कोच का पहली बार जब पत्र के माध्यम से उनके अभिभावकों से संपर्क कराया गया तो बच्चों ने दिल को छू जाने वाली बातें लिखीं। शुक्रवार देर रात हुए इस पत्राचार को फेसबुक पेज पर पोस्ट किया गया है। बच्चों ने छोटे-छोटे नोट्स में लिखा, ‘कृपया चिंता न करें, हम सभी स्वस्थ और बेहतर हैं। हम यहां से निकलकर सीधे घर जाना चाहते हैं और वहां ढेर सारा भोजन करना चाहते हैं।’ इन किशोर स्कूली बच्चों ने अपने शिक्षकों से अपील की कि वे उन पर ‘बहुत सख्ती न बरतें’। उन्होंने लिखा, ‘शिक्षक उन्हें बहुत ज्यादा होमवर्क न दें।’
कोच ने बच्चों के परिजनों से माफी मांगी
बच्चों के अलावा उनके 25 वर्षीय कोच इक्कापोल चांतावॉन्ग ने भी एक लिखित संदेश भेजकर गुफा में फंसे किशोरों के अभिभावकों से माफी मांगी है। उन्होंने लिखा, सभी परिजनों को मैं बताना चाहता हूं कि सारे बच्चे सुरक्षित हैं। बचाव दल हमारा ख्याल रख रहा है। मैं सभी से वादा करता हूं कि बच्चों की सुरक्षा के लिए मैं सब कुछ करूंगा। सभी लोगों का मदद के लिए सामने आने का शुक्रिया। इस संदेश के अंत में उन्होंने लिखा कि जो कुछ हुआ उसके लिए मैं हर बच्चे के परिजनों से माफी मांगता हूं। मुझे माफ कर दीजिए।