बांग्लादेशी अदालत ने खालिद जिया के खिलाफ दिये जांच के आदेश
बांग्लादेश की एक अदालत ने रविवार को इस बात की जांच करने के आदेश दिए हैं कि क्या पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री एवं विपक्षी नेता खालिद जिया के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाया जा सकता है?
दरअसल, बीएनपी प्रमुख जिया ने कथित तौर पर 1971 के मुक्ति संग्राम के शहीदों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि मामले में बांग्लादेशी सरकार की मंजूरी लेने के बाद दंड संहिता की धारा-123 (ए) के तहत पुलिस को जांच करने के आदेश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि मुक्ति संग्राम के शहीदों पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में एक वकील की ओर से दायर मामले पर सुनवाई करने के बाद मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने जिया के खिलाफ यह आदेश दिया है।
10 की जेल और जुर्माना हो सकता है
पाकिस्तान के खिलाफ हुए इस मुक्त संग्राम में करीब 30 लाख लोगों की जान चली
गई थी। बांग्लादेश की दंड संहिता की धारा-123 (ए) के तहत देश के निर्र्माण
की निंदा करना और संप्रभुता को खत्म करने की वकालत करने का दोषी पाए जाने
पर 70 वर्षीय जिया को अधिकतम 10 साल जेल की सजा और जुर्माना हो सकता है।
कानून विशेषज्ञों का कहना है कि इस धारा के तहत देशद्रोह के आरोप में
मुकदमा चलाने से पहले सरकार की मंजूरी की जरूरत होती है।
इससे पहले एक वकील
ने जिया को कानूनी नोटिस जारी करके सात दिन के अंदर राष्ट्र से माफी
मांगने या कानूनी कार्यवाही का सामना करने को कहा था।