सिंगापुर के चंगी नवल बेस पहुंचे पीएम मोदी, आज स्वदेश के लिए होंगे रवाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिंगापुर दौरे का आज अंतिम दिन है। उन्होंने यहां अमेरिकी रक्षा सचिव जिम मैटिस से भी मुलाकात की। इससे पहले, पीएम मोदी ने सिंगापुर के पूर्व प्रधानमंत्री गोह चोक तोंग से मुलाकात की।
उल्लेखनीय है कि तीन देशों के पांच दिवसीय दौरे पर निकले प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया और मलेशिया के बाद गुरुवार को सिंगापुर पहुंचे थे। शुक्रवार को दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते हुए।
Prime Minister Narendra Modi met US Secretary of Defense James N. Mattis in Singapore. pic.twitter.com/UFEyZEiCu3
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 2, 2018
लाइव अपडेट्स :
- विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट जानकारी दी कि भारत और सिंगापुर के बीच 25 सालों से निर्बाध नौसेना अभ्यास और नौसेना सहयोग बढ़ रहा है।
- सिंगापुर के चंगी नवल बेस का पीएम मोदी ने किया दौरा ।
- सिंगापुर में भारतीय समुदाय के बीच पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
- सिंगापुरः भारतीय विरासत केंद्र में ढोल-नगाड़े बजाकर पीएम मोदी का स्वागत किया गया।
- सिंगापुरः श्री मरिअम्मन मंदिर में दर्शन करने के बाद पीएम मोदी यहां की सबसे पुरानी चिलुया मस्जिद पहुंचे। यहां उनके साथ सिंगापुर के सांस्कृतिक मंत्री ग्रेस येन भी मौजूद रहे।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंगापुर में बुद्ध टूथ रेलिक मंदिर और संग्रहालय का दौरा किया।
- सिंगापुर: पीएम मोदी ने श्री मरिअम्मन मंदिर के दर्शन किए, इसे 1827 में बनाया गया था।
- सिंगापुरः पीएम मोदी ने अमेरिकी रक्षा सचिव जेम्स मैटिस से मुलाकात की।
- प्रधानमंत्री मोदी और गोह चोक तोंग ने सिंगापुर के क्लिफॉर्ड पियर में महात्मा गांधी पट्टिका का अनावरण किया।
- पीएम मोदी ने सिंगापुर के पूर्व प्रधानमंत्री गोह चोक तोंग से मुलाकात की।
Proud to be with our naval sentinels! PM @narendramodi on board INS Satpura which is visiting the Changi Naval Base as part of its deployment in the region. A fitting finale to a memorable visit to Singapore! pic.twitter.com/1OgXy1OR2e
— Raveesh Kumar (@MEAIndia) June 2, 2018
And PM @narendramodi receives a rapturous welcome on his arrival at the Indian Heritage Centre in Singapore which traces the journey of Indian community in the Southeast Asian region. pic.twitter.com/bIR1HZ2NVV
— Raveesh Kumar (@MEAIndia) June 2, 2018
गौरतलब है कि शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां कहा था कि हर व्यवधान को विनाश के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए क्योंकि सामाजिक दूरी को खत्म करने में तकनीक की अहम भूमिका रही है। दुनिया भर में तकनीक करोड़ों लोगों की आवाज बन रही है और सामाजिक व्यवधान तोड़ने में मददगार साबित हो रही है। तकनीक लोगों को ताकतवर बनाती है लेकिन इसे यूजर फ्रेंडली होना चाहिए। लोगों के भीतर कंप्यूटर को लेकर कई आशंकाएं थी लेकिन इसने मानव इतिहास को ही बदलकर रख दिया। तकनीक के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। पीएम ने 21वीं सदी की चुनौतियों के समाधान के लिए मानवीय मूल्यों के साथ इनोवेशन की जरूरत पर बल दिया।
प्रधानमंत्री ने सिंगापुर की प्रतिष्ठित नानयांग टेक्निकल यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित किया। एशिया के सामने चुनौती पर पीएम ने कहा था कि 21वीं सदी एशिया की है। सबसे बड़ा सवाल है कि हम एशिया के लोग इसे महसूस करते हैं या नहीं। 21वीं सदी को एशिया की सदी बनाना, हमारे लिए चुनौती है। यह अपने आप में विश्वास करना और यह जानना आवश्यक है कि अब हमारी बारी है। हमें इस अवसर का फायदा उठाना होगा और उसका नेतृत्व करना होगा।
उन्होंने कहा था कि हमारे सामने चुनौतियों से ज्यादा अवसर हैं। हम सांस्कृतिक रूप से हजारों साल से करीबी रहे हैं। पिछले दिनों चीन के राष्ट्रपति से मिलने का मौका मिला। अनौपचारिक बैठक का कोई एजेंडा नहीं था। हम घंटों तक साथ रहे और बातें करते रहे। उन्होंने कहा था कि एक अमेरिकन यूनिवर्सिटी ने 2000 साल के आर्थिक विकास यात्रा पर एक शोध किया। इसके अनुसार, पिछले 2000 साल में करीब 16 सौ साल दुनिया की जीडीपी में पचास फीसदी योगदान चीन और भारत का था। और सिर्फ तीन सौ साल ही पश्चिम के देशों का प्रभाव बढ़ा। 1600 साल में हमारे बीच कोई संघर्ष नहीं था।
मानव इतिहास में वैश्विक व्यापार के क्षेत्र में भारत और चीन का सदियों तक दबदबा रहा है। उस वक्त किसी तरह का संघर्ष नहीं था। हमें बिना किसी संघर्ष के कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाने के बारे में सोचना होगा। उन्होंने कहा कि नवाचार और नैतिकता के साथ-साथ मानवीय मूल्यों के कारण हमने प्रगति की है।
2001 के बाद से 15 मिनट की भी नहीं ली छुट्टी
छात्रों से बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा था कि 2001 के बाद से आज तक 15 मिनट की भी छुट्टी नहीं ली। 2001 से पहले वह मुख्यमंत्री नहीं थे लेकिन उनका जीवन तब जैसा था, आज भी वैसा ही है। इसमें बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा था कि जब वह जवानों को सीमा पर देश की रक्षा करते देखते हैं और मां को संघर्ष करते देखते हैं तो उन्हें लगता है कि आराम नहीं करना चाहिए। इसी से वह प्रेरित होते हैं और लगता है कि छुट्टी नहीं लेनी चाहिए।
तकनीक की मदद से दबाव की राजनीति से निपटता हूं
दबाव की राजनीति से निपटने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि यह बहुत मुश्किल है लेकिन इससे निपटना पड़ता है। जब कोई नेता अपने क्षेत्र का काम लेकर आता है जैसे- अस्पताल या स्कूल बनवाने या किसी अन्य काम से, तो हम मैप तैयार रखते हैं। मैप स्पेस टेक्नोलॉजी से तैयार किया जाता है। इसके जरिए पता चलता है कि उस इलाके में स्कूल या अस्पताल है या नहीं, और अगर है तो हम उन्हें बता देते हैं, आपके क्षेत्र में यहां स्कूल है, यहां अस्पताल। इससे हमें उन क्षेत्रों में विकास करने में मदद मिलती है, जहां विकास नहीं हुआ है।
रोबोट महिला से की थी बात
मोदी ने यूनिवर्सिटी में कई मशीनों को बेहद करीब से देखा। इसके अलावा उन्होंने एक रोबोट महिला से भी बात की। उन्होंने रोबोट से कुछ सवाल किए तो महिला रोबोट ने आंखें झपका कर जवाब दिए। यूनिवर्सिटी कैंपस में उन्होंने एक नीम का पौधा भी लगाया।