फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   pm modi inaugrate salma dam

पीएम नरेंद्र मोदी ने अफगानिस्तान में किया 'सलमा बांध' का उद्घाटन

Sun, 05 Jun 2016 12:01 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला,दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला,दिल्ली Updated Sun, 05 Jun 2016 12:01 AM IST
विज्ञापन
pm modi inaugrate salma dam
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने शनिवार को संयुक्त रूप से अफगान-भारत मैत्री बांध का उद्घाटन किया - फोटो : vikas swarup

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने शनिवार को संयुक्त रूप से अफगान-भारत मैत्री बांध का उद्घाटन किया। हेरात प्रांत में 1,700 करोड़ रुपये की लागत से भारत द्वारा बनाया गया यह बांध भारत के लिए रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण है। यह युद्ध पीड़ित अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करता है।

विज्ञापन


पहले सलमा बांध के नाम से जाना जाने वाला अफगान-भारत मैत्री बांध ईरान से सटे पश्चिमी हेरात में  चिश्त-ए-शरीफ नदी पर बना है। इससे 75,000 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई हो सकेगी। साथ ही इससे 42 मेगावाट पावर का उत्पादन होगा। मोदी अपनी पांच देशों की यात्रा के पहले पड़ाव में यहां पहुंचे हैं। छह माह से भी कम समय में मोदी की यह दूसरी अफगानिस्तान यात्रा है। इस परियोजना को भारत और अफगानिस्तान मैत्री की ऐतिहासिक बुनियादी ढांचा परियोजना माना जा रहा है। हेरात शहर से 165 किलोमीटर दूर इस बांध के बनने से प्रांत की कृषि अर्थव्यवस्था को काफी बढ़ावा मिलेगा। 
विज्ञापन

इस परियोजना को भारत सरकार के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनरुद्धार मंत्रालय के तहत आने वाले वापकोस लिमिटेड ने क्रियान्वित किया है।

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति ने उद्घाटन के दौरान अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का उनके ‘दूसरे घर’ अफगानिस्तान में स्वागत है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत की मदद से 30 साल से चला आ रहा लोगों का यह सपना पूरा हुआ। गनी ने कहा, ‘आज हम भारत-अफगान रिश्ते और दोस्ती के साथ आगे बढ़े हैं। इस बांध के बनने से दोनों के बीच सहयोग और समृद्धि के नये अध्याय की शुरुआत हुई है। हमारे लोग भारत को यहां बनने वाली सड़कों, बांधों और 200 से अधिक छोटी विकास परियोजनाओं से पहचानते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘जो लोग गड़बड़ी और बर्बादी के रास्ते पर चलना चाहते हैं उसके विपरीत हम दोनों देशों ने मिलकर निर्माण और वृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़ने का फैसला किया है।’ 
विज्ञापन
विज्ञापन


रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है हेरात प्रांत
अफगानिस्तान का हेरात प्रांत पश्चिम एशिया, मध्य और दक्षिण एशिया के प्राचीन कारोबारी मार्ग पर है। यहां से ईरान, तुर्कमेनिस्तान और अफगानिस्तान के अन्य हिस्सों के लिये सड़क मार्ग को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत से समुद्री मार्ग से पहुंचाए गए कल-पुर्जे और उपकरण
बांध के लिए आवश्यक कलपुर्जे और सामान भारत से समुद्री मार्ग से पहले ईरान के बंदर-ए-अब्बास बंदरगाह तक पहुंचाया गया। वहां से 1,200 किमी सड़क मार्ग से इसे ईरान-अफगानिस्तान सीमा पर इस्लाम किला सीमा पोस्ट तक पहुंचाया गया। इसके बाद सीमा चौकी से अफगानिस्तान में 300 किलोमीटर अंदर इसे बांध स्थल तक पहुंचाया गया।

डेढ़ हजार भारतीय-अफगानी इंजीनियरों ने बनाया बांध
भारत और अफगानिस्तान के 1,500 से अधिक इंजीनियरों ने कई वर्षों के दौरान मुश्किल परिस्थितियों में इस बांध का निर्माण किया। मोदी की पांच देशों-अफगानिस्तान, कतर, स्विट्जरलैंड, अमेरिका और मेक्सिको - की यात्रा में अफगानिस्तान पहला पड़ाव है। इससे पहले मोदी ने 25 दिसंबर को पिछले साल काबुल की यात्रा की थी। 

बाधाओं के बावजूद अफगानिस्तान की मदद जारी रखेगा भारत : पीएम

pm modi inaugrate salma dam
narendra modi - फोटो : PTI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण हेरात प्रांत में ऐतिहासिक बांध का उद्घाटन करने के बाद कहा कि भारत राजनीतिक, भौगोलिक बाधाओं और यहां उसके मिशन पर आतंकी हमलों के बावजूद युद्ध प्रभावित अफगानिस्तान को हर तरह का सहयोग करेगा। राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ अफगान-भारत मैत्री बांध का उद्घाटन करने के बाद मोदी ने आतंकवाद को खारिज करने के लिए अफगानिस्तान की जनता की तारीफ की।

उन्होंने कहा कि उनके बीच विभाजन सिर्फ उन लोगों की मदद करेगा, जो इस देश पर बाहर से ‘शासन’ चलाना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘यह युद्ध अफगान निर्माण के लिए नहीं था, इसने तो अफगानों की पूरी एक पीढ़ी का भविष्य बर्बाद कर दिया।’ उन्होंने कहा कि आज अफगानिस्तान के बहादुर लोग यह संदेश दे रहे हैं कि ‘तबाही और मौत तथा इनकार और वर्चस्व’ का बल कायम नहीं रहेगा।’ जब अफगानिस्तान आतंकवाद को हराने में सफल रहता है तो विश्व कहीं ज्यादा सुरक्षित और खूबसूरत होगा।

 मोदी ने कहा कि यह बांध ईंट और कंक्रीट से नहीं बना है बल्कि हमारे दोस्ती के विश्वास और अफगानी और भारतीयों के साहस से बना है। इस गर्व के अवसर पर हम उन जिंदगियों के प्रति दुख और आभार भी व्यक्त करते हैं, जिन्होंने इसलिए बलिदान दिया ताकि अफगान लोग ऐसा भविष्य पा सकें, जिसके वे हकदार हैं और जो वे चाहते हैं। अपने 25 मिनट के भाषण में मोदी ने अफगानिस्तान की शांति प्रक्रिया, हेरात में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर बड़े आतंकी हमले और देश की पुनर्निर्माण गतिविधियों के मुद्दों को छुआ। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान की सफलता हर भारतीय की गहरी उम्मीद और इच्छा है।

मोदी को अफगानिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान

pm modi inaugrate salma dam
narendra modi - फोटो : PTI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शनिवार को अफगानिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान आमिर अमानुल्ला खान सम्मान से नवाजा गया। अफगान-भारत मैत्री बांध के उद्घाटन के बाद अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने मोदी को यह सम्मान दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने फोटो के साथ ट्वीट किया, ‘एक सच्चे भाईचारे को सम्मानित किया गया है। प्रधानमंत्री को अफगानिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान आमिर अमानुल्ला खान पुरस्कार से नवाजा गया है।’ 25 मिनट के अपने भाषण में मोदी ने चिश्त में जन्में सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की चर्चा की जो अजमेर में बस गए थे और जिनके मजार पर हजारों श्रद्धालु जाते हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत के पहले चिश्ती संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ने कहा कि मनुष्य में सूरज जैसा स्नेह, नदी जैसी महानता और धरती जैसी सेवा भावना निश्चित रूप से होने की बात कही थी।’ अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने अफगानिस्तान के अलावा विश्व के सभी मुसलमानों को रमजान के पवित्र महीने की बधाई दी।

लोकतंत्र के शोर का आदी हो चुका हूं

pm modi inaugrate salma dam
मोदी ने विपक्षी पार्टियों की तरफ इशारा करते हुए शनिवार को कहा कि वह लोकतंत्र के शोर के आदी हो चुके - फोटो : vikas swarup
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी पार्टियों की तरफ इशारा करते हुए शनिवार को कहा कि वह लोकतंत्र के शोर के आदी हो चुके हैं। मोदी ने यह टिप्पणी तब की जब अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोहम्मद हानिफ अत्मार ने हेलीकॉप्टर पर सवार होने के बाद उनसे कान ढंकने का आग्रह किया। नई दिल्ली से पहुंचने के बाद वह हेरात हवाईअड्डे से हेलीकॉप्टर से हेरात के गवर्नर हाउस जा रहे थे। मोदी ने मुस्करा कर कहा, ‘मैं विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र से हूं। मुझे लोकतंत्र के शोर की आदत हो चुकी है।’
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed