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नेपाल सासंदों को दिया 'कुर्सी तोड़ो का चैलैंज'

Thu, 29 Jan 2015 04:55 PM IST
Updated Thu, 29 Jan 2015 04:55 PM IST
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people challenge to nepal parliyamentry member

सोशल मीडिया वेबसाइट ट्विटर पर नेपाल के सैकड़ों लोगों ने हैशटैग #smashchairchallenge के साथ कुर्सी तोड़ने के अभिनय वाली तस्वीरें ट्विटर पर पोस्ट की हैं। तस्वीरों से ऐसा लगता है कि लोग कुर्सी उठाकर बस जमीन पर पटकने ही वाले हैं।

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दरअसल ये लोग पिछले हफ्ते नेपाल की संविधान सभा में सांसदों के बीच हुई मारपीट पर तंज कस करे रहे हैं जिसमें दर्जनों कुर्सियाँ और माइक टूट गए थे।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन का बेहतर तरीका लगा

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संसद में ये घटना तब हुई जब नेपाल के नए संविधान के ड्राफ़्ट की मियाद पूरे होने में बस दो दिन बाकी थे। नेपाल में संविधान निर्माण की समय सीमा कई बार बढ़ाई जा चुकी है।संविधान सभा में हुई मारपीट से हैरान लेखक ब्रजेश खनाल ने अपने कुछ दोस्तों के साथ ये हैशटैग शुरू किया।

खनाल को #smashchairchallenge बहुत ही व्यंग्यात्मक और देश में राजनीतिक गतिरोध के ख‌िलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन का बेहतर तरीका लगा।

खनाल ने बताया, "हो सकता है कि हम एक कुर्सी उठाएं और उसे तोड़ने की धमकी दें, लेकिन वास्तव में हम हिंसा में विश्वास नहीं करते।" वो कहते हैं, "ये लोगों का ध्यान खींचने के लिए किया गया ताकि दोबारा ऐसी घटना न घटे।"

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किसी पार्टी नहीं, हिंसा के खिलाफ है लड़ाई

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खनाल का कहना है, "यह किसी भी पार्टी के ख‌िलाफ़ लड़ाई नहीं है, बल्कि हिंसा के ख‌िलाफ है। यह संविधान सभा के सदस्यों को शांतिपूर्ण तरीके से संविधान के बारे में एक नतीजे पर पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करने का तरीका है।"

वो कहते हैं, "यह काम लंबे समय से टलता जा रहा है।" आम लोग ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ऐसी तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं लेकिन राजनीतिक पार्टियों ने इसपर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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सांसदों की हो रही तीखी आलोचना

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एक ट्वीट में कहा गया है, "#SmashChairChallenge स्वीकार करना एक बड़ा व्यंग्य है और तोड़फोड़ में शामिल संविधान सभा के उन कायर सदस्यों पर तीखी आलोचना है।"

जबकि एक अन्य ट्वीट में कहा गया है, "मैं इसे #SmashChairChallange नहीं बल्कि #SmashPeopleChallange कहूंगा, क्योंकि कुछ लोग रोज़ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे और यहां तक कि रोज़ ही जाम लगा रहे हैं।"

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