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डव के विज्ञापन पर लगा नस्लभेद का आरोप, कंपनी ने मांगी माफी
बीबीसी, हिन्दी
Updated Thu, 12 Oct 2017 03:23 PM IST
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Dove
डव ने हाल ही में फेसबुक विज्ञापन अभियान की शुरुआत की, जिसमें लोशन का उपयोग करने के बाद एक काली औरत को सफेद बनते दिखाया गया। डव लोशन निर्माता ने अपने इस 'नस्लभेद' वाले विज्ञापन के लिए अब माफी मांगी है।
'डव' लोशन ने इस फेसबुक विज्ञापन अभियान में तीन तस्वीरें दिखाई गई हैं। पहली तस्वीर ने एक काली महिला को लोशन का इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है। दूसरी तस्वीर में लोशन के इस्तेमाल के बाद उस महिला को अपने टी शर्ट को उतारते हुए दिखाया गया है। तीसरी तस्वीर में एक सफेद चेहरा सामने आ जाता है, जो एशियाई महिला होती है।
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डव कंपनी ने अपने ट्वीट में कहा है, "हमें इस विज्ञापन की वजह से हुए अपराध पर बेहद अफसोस है"। हालांकि अब डव ने वो फेसबुक वीडियो हटा लिया है। लेकिन अमेरिकी मेकअप आर्टिस्ट नय मुआउ ने इसे अपने फेसबुक फोलोअर्स के साथ साझा किया है।
"मैं अपना फेसबुक पेज देख रही थी, कि मेरी निगाह डव के इस विज्ञापन पर पड़ी, अगर ये सही है तो मैं ये क्या देख रही हूं" नय मुआउ ने फोटो शेयर करते हुए अपने कैप्शन में ये लिखा। सोशल मीडिया पर इस विज्ञापन के बाद बहस शुरू हो गई है। डव पर लोग नस्लभेद करने और उस पर लीपापोती करने का आरोप लगा रहे हैं।
हालांकि नय मुआउ के पोस्ट के ठीक नीचे कुछ लोगों ने टिप्पणी करते हुए ये भी लिखा कि डव ब्रांड ये साबित करने की कोशिश कर रहा है कि उनका ये साबुन और लोशन किसी भी नस्ल के लोग इस्तेमाल कर सकते है।
पढ़ें: अमेरिका को नॉर्थ कोरिया की चेतावनी, 'हमसे लड़ना मतलब आग से खेलना'
एक फेसबुक यूजर ने लिखा, "मुझे लगता है कि उनका मतलब है कि यह सभी तरह के लोगों के लिए है - काले और गोरे सबके लिए"। एक और फ़ेसबुक यूजर ने लिखा, "तीसरी औरत निश्चित तौर पर गोरी नहीं हैं, लेकिन अपनी बात को कहने के लिए निश्चित तौर पर ये सही तरीका नहीं था."।
पहले भी विवादों में
कुछ लोगों ने डव ब्रांड के नए विज्ञापन को ब्रांड के पुराने विवादित मामलों से जोड़ने की भी कोशिश की है। 2011 में भी डव पर नस्लभेद का आरोप लगा था। उस वक्त डव ब्रांड ने साबुन के इस्तेमाल के पहले और बाद में जिन महिलाओं की तस्वीरों का इस्तेमाल किया था, उस पर भी विवाद खड़ा हुआ था।
उसमें भी शुरुआत में काली और अंत में गोरी महिला की तस्वीर विज्ञापन में लगाई गई थी। 2015 में भी डव विवादों में रहा था। इस साल डोव ने अपने सम्मर ग्लो क्रीम पर लिखा था, "नार्मल से लेकर काले रंग वाले सभी इसका इस्तेमाल सकते है"।
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'डव' लोशन ने इस फेसबुक विज्ञापन अभियान में तीन तस्वीरें दिखाई गई हैं। पहली तस्वीर ने एक काली महिला को लोशन का इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है। दूसरी तस्वीर में लोशन के इस्तेमाल के बाद उस महिला को अपने टी शर्ट को उतारते हुए दिखाया गया है। तीसरी तस्वीर में एक सफेद चेहरा सामने आ जाता है, जो एशियाई महिला होती है।
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डव कंपनी ने अपने ट्वीट में कहा है, "हमें इस विज्ञापन की वजह से हुए अपराध पर बेहद अफसोस है"। हालांकि अब डव ने वो फेसबुक वीडियो हटा लिया है। लेकिन अमेरिकी मेकअप आर्टिस्ट नय मुआउ ने इसे अपने फेसबुक फोलोअर्स के साथ साझा किया है।
"मैं अपना फेसबुक पेज देख रही थी, कि मेरी निगाह डव के इस विज्ञापन पर पड़ी, अगर ये सही है तो मैं ये क्या देख रही हूं" नय मुआउ ने फोटो शेयर करते हुए अपने कैप्शन में ये लिखा। सोशल मीडिया पर इस विज्ञापन के बाद बहस शुरू हो गई है। डव पर लोग नस्लभेद करने और उस पर लीपापोती करने का आरोप लगा रहे हैं।
हालांकि नय मुआउ के पोस्ट के ठीक नीचे कुछ लोगों ने टिप्पणी करते हुए ये भी लिखा कि डव ब्रांड ये साबित करने की कोशिश कर रहा है कि उनका ये साबुन और लोशन किसी भी नस्ल के लोग इस्तेमाल कर सकते है।
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एक फेसबुक यूजर ने लिखा, "मुझे लगता है कि उनका मतलब है कि यह सभी तरह के लोगों के लिए है - काले और गोरे सबके लिए"। एक और फ़ेसबुक यूजर ने लिखा, "तीसरी औरत निश्चित तौर पर गोरी नहीं हैं, लेकिन अपनी बात को कहने के लिए निश्चित तौर पर ये सही तरीका नहीं था."।
पहले भी विवादों में
कुछ लोगों ने डव ब्रांड के नए विज्ञापन को ब्रांड के पुराने विवादित मामलों से जोड़ने की भी कोशिश की है। 2011 में भी डव पर नस्लभेद का आरोप लगा था। उस वक्त डव ब्रांड ने साबुन के इस्तेमाल के पहले और बाद में जिन महिलाओं की तस्वीरों का इस्तेमाल किया था, उस पर भी विवाद खड़ा हुआ था।
उसमें भी शुरुआत में काली और अंत में गोरी महिला की तस्वीर विज्ञापन में लगाई गई थी। 2015 में भी डव विवादों में रहा था। इस साल डोव ने अपने सम्मर ग्लो क्रीम पर लिखा था, "नार्मल से लेकर काले रंग वाले सभी इसका इस्तेमाल सकते है"।