अमेरिका ने भेजा जंगी जहाज, उत्तर कोरिया ने दी भुगतने की धमकी
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अमेरिका द्वारा सीरिया पर मिसाइल हमला करके रूस व ईरान समेत पूरी दुनिया में तनाव खड़ा करने के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में भी जंगी जहाज भेज दिया है। अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद उत्तर कोरिया ने भी अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह उसकी सीमाओं में जबरदस्ती घुस रहा है और ऐसे में तनाव बढ़ता है तो अमेरिका इसके लिए जिम्मेदार होगा। उत्तर कोरिया ने अमेरिका को धमकी भी दी कि - ‘वह युद्ध के लिए तैयार है।’
अमेरिका ने अपनी नौसेना के कार्ल विंसन एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को सिंगापुर से उत्तर कोरिया के लिए रवाना कर दिया है। इस कारण क्षेत्र में तनाव और गहरा गया है। उत्तर कोरिया ने वाशिंगटन द्वारा यहां की गई नौसैनिक लड़ाकू समूह की तैनाती की तीखी आलोचना करते हुए चेतावनी दी कि वह ‘युद्ध’ के लिए तैयार है। कार्ल विंसन लड़ाकू समूह ने कोरियाई क्षेत्र में शक्ति प्रदर्शन के लिए अपनी पूर्व नियोजित ऑस्ट्रेलिया यात्रा को भी रद्द कर दिया।
वाशिंगटन ने संकेत दिया है कि वह प्योंगयांग की परमाणु क्षमताओं को खत्म करने के लिए कार्रवाई कर सकता है। स्थानीय समाचार एजेंसी केसीएनए ने उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से कहा है - ‘इससे साबित होता है कि अमेरिका ने उत्तर कोरिया पर हमला बोलने के लिए जल्दबाजी में जो कदम उठाए हैं वह गंभीर चरण में पहुंच गए हैं।’
उन्होंने कहा कि ‘अमेरिका जैसा भी युद्ध चाह रहा हो, उत्तर कोरिया उसका जवाब देने के लिए तैयार है।’ दूसरी तरफ अमेरिकी शीर्ष अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने सीरिया पर मिसाइल हमले का आदेश देने के अलावा अपने सलाहकारों से प्योंगयांग को काबू करने के विकल्पों पर विचार करने के लिए भी कहा है।
चीन ने की करीब डेढ़ लाख सैनिकों की तैनाती
कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ते तनाव के बीच चीन ने अमेरिका के किसी भी संभावित हमले से निपटने के लिए अपनी कमर भी कस ली है। चीन ने उत्तर कोरिया सीमा पर करीब डेढ़ लाख सैनिकों को तैनात कर दिया है।
पीपुल्स लिबरेशन आर्मी फोर्स की मेडिकल और बैकअप यूनिटों को चीन-उत्तर कोरिया सीमा पर स्थित यालू नदी के किनारे तैनात किया गया है। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया पर हमले के संकेत पहले ही दे दिए हैं।
अमेरिका कह चुका है कि यदि संयुक्त राष्ट्र उत्तर कोरिया पर कार्रवाई नहीं करता है, तो वह खुद यह कदम उठाएगा। इसी कारण कार्ल विंसन एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को ऑस्ट्रेलिया के बजाय कोरियाई प्रायद्वीप में पहुंचाया गया। आशंका है कि अमेरिका जल्द ही उत्तर कोरिया पर हमला कर सकता है।