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उत्तर कोरिया ने किया परमाणु निरस्त्रीकरण की मांगे मानने से इंकार, कहा- धमका रहा है अमेरिका

Sun, 08 Jul 2018 04:08 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर अजाल
वर्ल्ड डेस्क, अमर अजाल Updated Sun, 08 Jul 2018 04:08 PM IST
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North Korea refused to accept Americas demand of nuclear disarmament

अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच हुई ऐतिहासिक वार्ता के बाद पहली बार अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो उत्तर कोरिया पहुंचे। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि उत्तर कोरिया से अब उन्हें कोई खतरा नहीं है। लेकिन दो दिन तक चली इस गंभीर शांति वार्ता के बाद उत्तर कोरिया ने अमेरिका पर कई आरोप लगाए हैं।

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उत्तर कोरिया की मीडिया एजेंसी केसीएनए के मुताबिक अमेरिका का रवैया बेहद अफसोसजनक था। साथ ही उसने अमेरिका की परमाणु निरस्त्रीकरण की मांगों को मानने से भी इंकार कर दिया और कहा कि ये उसे धमकाने की कोशिश है। समाचार एजेंसी केसीएनए ने अनुसार उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता का कहना है कि पोम्पियो ने एकपक्षीय और धमकाने वाली मांगें रखी और उनकी तरफ से किसी भी रचनात्मक कदम की पेशकश नहीं की गई।  
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उत्तर कोरिया की तरफ से एजेंसी को दिए बयान में कहा गया है कि अमेरिका ने उनकी सद्भावना और धैर्य को गलत समझ लिया है। अमेरिका कोई भी रचनात्मक प्रस्ताव साथ नहीं लाया, यानि ये उम्मीद भी मूर्खतापूर्ण रही। वहीं पोम्पियो का कहना है कि उत्तर कोरियाई नेताओं के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक रही। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच परमाणु निरस्त्रीकरण समेत विकास के सभी मुद्दों पर बात हुई है।  
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गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले अमेरिकी खुफियों एजेंसियों की ओर से खबर आई थी कि हाल के महीनों में उत्तर कोरिया ने कई गुप्त स्थानों में परमाणु हथियार बनाने के लिए ईंधन उत्पाद में वृद्धि की है। साथ ही उसने अमेरिका से रियायतों की मांग करते समय यह बात छिपाने की भी कोशिश की थी। एनबीसी समाचार की रिपोर्ट के मुताबिक ये जानकारी अमेरिकी अधिकारियों ने दी है। इन सब बातों से तो यही निष्कर्ष निकल रहे हैं कि उत्तर कोरिया से की गई कोई भी वार्ता अमेरिका के लिए फायदेमंद नहीं रही।

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