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अमेरिका पर हमले के लिए उत्तर कोरिया तैयार, किम जोंग ने की हमले की योजना की समीक्षा

Wed, 16 Aug 2017 03:55 PM IST
बीबीसी, हिन्दी
बीबीसी, हिन्दी Updated Wed, 16 Aug 2017 03:55 PM IST
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North Korea ready for attack on America Kim Jong reviewed the attack plan
किम जोंग उन - फोटो : बीबीसी

उत्तर कोरिया के सर्वोच्च शासक किम जोंग उन ने अमेरिकी द्वीप गुआम पर हमले की योजना की समीक्षा की है। उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया के मुताबिक, किम जोंग उन ने फिलहाल इस हमले को टालने का फैसला किया है।

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केसीएनए के मुताबिक, किम जोंग उन ने काफी देर तक गुआम द्वीप पर हमले की योजना की समीक्षा करने के बाद वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से इस योजना पर चर्चा की।

ये भी पढ़ें- अमेरिकी कमांडर ने कहा, उत्तर कोरिया संकट खत्म करने में भारत ही कर सकता है मदद
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केसीएनए के मुताबिक, उत्तर कोरिया की स्ट्रेटजिक फोर्स के कमांडर हमले की तैयारी करने के बाद हमले की इजाजत का इंतजार कर रहे थे लेकिन किम जोंग उन ने इस बारे में कोई भी निर्णय लेने से पहले अमेरिका के रुख को देखने का फैसला किया है।
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विश्लेषकों का मानना है कि इसका मतलब ये हो सकता है कि उत्तर कोरिया अभी हमले के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हो और किसी तरह तैयारी पूरी करने के लिए समय जुटा रहा हो।
वहीं, कुछ संवाददाताओं का मानना है कि कई दिनों तक तीखी बयानबाजी करने के बाद उत्तर कोरिया अब थोड़ा शांत होने का मन बनाते दिख रहे हैं लेकिन उत्तर कोरिया जैसे रहस्यमयी देश के बारे में कोई भी बात पूरी तरह पुख्ता तौर पर नहीं कही जा सकती।

दक्षिण कोरिया की सहमति ले अमेरिका

North Korea ready for attack on America Kim Jong reviewed the attack plan
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : बीबीसी

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन ने अमेरिका से कोरियाई प्रायद्वीप पर हमला करने से पहले दक्षिण कोरिया की सहमति लेने का आग्रह किया है। दक्षिण कोरिया में मौजूद बीबीसी संवाददाता योगिता लिमये कहती हैं कि अंतर्राष्ट्रीय कानून और अमरीका-दक्षिण कोरिया के बीच सैन्य समझौतों के तहत गुआम पर हमला होने की स्थिति में अमेरिका को जवाबी हमले के लिए ऐसी किसी इजाजत की जरूरत नहीं है।

ऐसे में राष्ट्रपति मून अमेरिका से ऐसी सहमति लेने का आग्रह क्यों कर रहे हैं। कूकमिन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ह्वी रहाक पार्क कहते हैं कि ये दक्षिण कोरियाई के उदारवादियों के लिए संकेत हो सकता है कि स्थिति अभी भी दक्षिण कोरियाई सरकार के नियंत्रण में है।

उत्तर कोरिया लंबे समय से दक्षिण कोरिया को अमेरिका का पिछलग्गू कहता आया है और ऐसे समय में दक्षिण कोरिया की ओर से अमेरिका को जारी किया गया ये आग्रह तीखी बयानबाजी को कम करने का संदेश हो सकता है।

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