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कैसे बना उत्तर कोरिया और क्यों शुरू हुआ अमेरिका से टकराव? जानिए सब कुछ

Fri, 15 Sep 2017 01:20 PM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा Updated Fri, 15 Sep 2017 01:20 PM IST
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north korea became headache for america for last 67 year, know everything

अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद उत्तर कोरिया अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। 15 सितंबर को उसने एक बार फिर मिसाइल दागी है, जो जापान से ऊपर से होते हुए प्रशांत महासागर में जा गिरी। एक महीने में उत्तर कोरिया ने दूसरी बार जापान की ओर मिसाइल दागी है।

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अब हालात ऐसे हो गए हैं कि किम जोंग उन अमेरिका और जापान के लिए सिरदर्द बन चुका है। 

गौरतलब है कि इस साल उत्तर कोरिया 6 बार परमाणु परीक्षण कर चुका है। हाल में ही उसने दावा किया कि उसका हाइड्रोजन बम का परीक्षण भी सफल रहा। वहीं अमेरिका, उत्तर कोरिया को कई बार चेतावनी दे चुका है। बता दें कि प्योंगयांग ने अमेरिका द्वीप गुआम को उड़ाने की धमकी भी दी थी। 
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ऐसा ही माहौल 1994 में अमेरिकी राष्ट्रपति क्लिंटन के दौरान था। उस समय भी लगा था कि अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच युद्ध लगभग तय है। साल 2002 में भी दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा था। जब उत्तर कोरिया के चोरी छिपे परमाणु हथियार विकसित करने की शिकायत मिलने पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु पर्यवेक्षक इसकी जांच के लिए पहुंचा। 

उस वक्त अंतरराष्ट्रीय परमाणु पर्यवेक्षक की टीम को जांच करने से रोक दिया गया था। उत्तर कोरिया के मामलों के विशेषज्ञ की मानें तो कोरियाई संघर्ष आज तक खत्म नहीं हुआ है। प्योंगयांग के मुताबिक उसकी और अमेरिका की पुरानी दुश्मनी आज भी कायम है। 

कैसे बना उत्तर कोरिया

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उत्तर कोरिया का जन्म साम्यवाद और पूंजीवाद के बीच हुए शीत युद्ध के दौरान हुआ। उत्तर कोरिया इस इतिहास से आज तक अपना पीछा नहीं छुड़ा पाया। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद कोरिया को जापान के दशकों लंबे शासन काल से मुक्ति मिली और वह आजाद हुआ।

कोरिया ने मित्र देश अमेरिका, चीन ब्रिटेन और सोवियन संघ की मदद से अपनी आजादी हासिल की, लेकिन यहीं से कोरियाई विवाद ने भी जन्म लिया। युद्ध खत्म होते ही अमेरिका और सोवियत संघ का आपसी सहयोग खत्म हो गया। जिसके बाद दो अलग-अलग मुल्कों का जन्म हुआ।

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कोरिया का उत्तरी हिस्सा किम द्वितीय जांग के नेतृत्व में कम्यूनिस्ट डेमोक्रेटिक पीपल्स गणराज्य कोरिया बना और दूसरा दक्षिण कोरिया अमेरिकी समर्थित कोरिया गणराज्य। उत्तर कोरिया सोवियत संघ और दक्षिण कोरिया अमेरिकी संरक्षण में आ गए। 

कैसे शुरू हुआ टकराव
1950 में दक्षिण कोरिया को खुद को आजाद देश घोषित कर दिया, लेकिन उसका यह कदम उत्तर कोरिया को रास नहीं आया। जिसके बाद उसने सोवियंत संघ और चीन की मदद से दक्षिण कोरिया पर हमला कर दिया। इस टकराव से जो कोरियाई युद्ध भड़का उसकी आग तीन साल तक जलती रही। 

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कोरियन विशेषज्ञ बताते हैं कि अमेरिका ने कोरियाई प्रायद्वीप में चल रहे युद्ध में तत्काल हस्तक्षेप किया। उसे डर था कि अगर कोरियाई प्रायद्वीप पर कम्यूनिस्ट गुट का कब्जा हुआ तो इस प्रभाव विश्वव्यापी होगा। 

साल 1953 में लंबे संघर्ष के बाद कोरियाई युद्धविराम पर दोनों देशों ने हस्ताक्षर किया। हालांकि इस कदम के बाद कोरियाई प्रायद्वीप पर शांति स्थापित नहीं हो पाई। दोनों की सरहदों पर तनाव कायम रहा। वहीं चीन और सोवियंत संघ की मदद से उत्तर कोरिया ने तेजी से तरक्की की।

सरहदों पर बना रहा तनाव

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विशेषज्ञों मानते हैं कि दक्षिण कोरिया में औद्योगिक और आर्थिक तरक्की के बाद सीमा पर तनाव भी बढ़ने लगा। 1970 के दशक में दक्षिण कोरिया काफी आगे निकल गया, जबकि उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था लड़खड़ाने लगी। 

1990 में सोवियत संघ के पतन के बाद उत्तर कोरिया को बड़ा झटका लगा। देश की कृषि व्यवस्था पूरी तरह बर्बाद हो गई, यहां के लोगों को अकाल का भी सामना करना पड़ा। इसी दौरान उत्तर कोरिया ने परमाणु परीक्षण शुरू किया। जो अब तक चल रहा है। 

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