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न्यूजीलैंड मस्जिद हमला: अदालत ने तय किया हत्या का आरोप, 5 अप्रैल तक हिरासत में भेजा

Sat, 16 Mar 2019 07:51 PM IST
तिवारी अभिषेक वर्ल्ड डेस्क, क्राइस्टचर्च
वर्ल्ड डेस्क, क्राइस्टचर्च Published by: तिवारी अभिषेक Updated Sat, 16 Mar 2019 07:51 PM IST
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New Zealand: christchurch Mosque Shootings accused detained till April 5
अदालत संदिग्ध हमलावर को पांच अप्रैल तक हिरासत में भेजा - फोटो : Stuff

न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में मौत का तांडव मचाने वाले हत्यारे को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। उसे जब कोर्ट में लाया गया तो उसने सबको हैरान कर दिया। दरअसल, अपने इस कृत्य के लिए किसी तरह का पछतावा जताने के बजाए वह कोर्ट में खड़ा मुस्कुरा रहा था।

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पुलिस ने आस्ट्रेलिया में जन्मे 28 वर्षीय ब्रेंटन टेरेंट को हाथ में हथकड़ी और कैदियों वाली सफेद रंग की कमीज पहनाकर अदालत में पेश किया। जज ने उसके खिलाफ हत्या के आरोप तय किए। उस पर और भी आरोप लगाए जा सकते हैं। इसके बाद कोर्ट ने हमलावर को अगली सुनवाई तक हिरासत में भेज दिया। टेरेंट ने शुक्रवार को दो मस्जिदों में गोलीबारी कर 49 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। इस हमले में बांग्लादेश की क्रिकेट टीम बाल-बाल बच गई थी।
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हमलावर पूर्व फिटनेस ट्रेनर है। पेशी के दौरान उसने कई बार अदालत में मौजूद मीडिया की ओर देखा। वह लगातार मुस्कुरा रहा था। सुरक्षा कारणों के चलते सुनवाई बंद कमरे में हुई। उसने जमानत की कोई अर्जी नहीं दी है। 5 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई तक उसे हिरासत में रखा जाएगा। पुलिस कमिश्नर माइक बुश ने बताया कि हमले के मुख्य आरोपी टेरेंट के अलावा दो अन्य लोग हमारी हिरासत में हैं। हालांकि, हमले में उनकी संलिप्तता अभी साफ नहीं हो सकी है। हमले में घायल 39 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसमें दो साल का बच्चा और चार वर्ष की एक बच्ची भी शामिल है, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
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इस बीच न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने पीड़ित लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात की। हमले के वैश्विक स्तर पर पड़े प्रभाव को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इससे निपटने के लिए ‘पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी अरब, बांग्लादेश, इंडोनेशिया और मलेशिया के महावाणिज्य अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि हमले में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनके बारे में किसी तरह की कोई खुफिया जानकारी नहीं थी और न ही वे एजेंसियों के रडार पर थे।

आपके लिए खास-

  • न्यूजीलैंड में मौजूद भारतीय उच्चायोग लापता भारतीयों का पता लगा रहा है।

  • गोलीकांड की इस घटना के बाद से सात भारतीय और दो भारतीय मूल के लोग लापता हैं। 

  • उच्चायोग ने बताया कि हमले में घायल दो भारतीयों का इलाज चल रहा है। 

अब भी करते हैं न्यूजीलैंड से प्रेम: इमाम

जुमे की नमाज के दौरान हमले का शिकार हुई लिनवुड मस्जिद के इमाम इब्राहिम अब्दुल हलीम ने कहा, ‘यह हत्याकांड न्यूजीलैंड के प्रति मुस्लिम समुदाय के प्रेम को डिगा नहीं पाएगा। हम अब भी इस देश से प्रेम करते हैं। चरमपंथी हमारे विश्वास को छू भी नहीं पाएंगे। न्यूजीलैंड के मुसलमान इस देश को अब भी अपना घर मानते हैं। मेरे बच्चे यहां रहते हैं। हम खुश हैं।’

गन कानून में होगा बदलाव होगा : अर्डर्न

देश के बंदूक संबंधी कानूनों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री अर्डर्न ने कहा कि वह इसमें बदलाव करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे बताया गया कि हमले में मुख्य अपराधी ने 5 बंदूकों का इस्तेमाल किया। उसने लाइसेंस नवंबर 2017 में हासिल किए थे। इस गंभीर घटना को देखते हुए मैं कह सकती हूं कि अब हमारा गन कानून बदल जाएगा।’

हर चौथे व्यक्ति के पास बंदूक

न्यूजीलैंड में 16 साल से ऊपर कोई भी व्यक्ति लाइसेंसी बंदूक के लिए आवेदन कर सकता है। सेफ्टी कोर्स और पुलिस की जांच के बाद आवेदन करने वाले व्यक्ति को इसका लाइसेंस मिलता है, जो दस साल के लिए वैध होता है। 2014 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूजीलैंड में हर चौथे व्यक्ति के पास बंदूक है और यह संख्या 12 लाख के आसपास है।

ऑस्ट्रेलिया में बढ़ाई गई सुरक्षा

न्यूजीलैंड की घटना को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एहतियात के तौर पर बड़े कार्यक्रमों के अलावा मस्जिदों के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है। फार्मूला वन ग्रैंड प्रिक्स को देखते हुए विक्टोरिया को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ऑस्ट्रेलिया के नेशनल इमाम काउंसिल के प्रवक्ता बिलाल रऊफ को डर है कि क्राइस्टचर्च की वारदात ऑस्ट्रेलिया में भी दोहराई जा सकती है।

मदद को आगे आए स्थानीय लोग

क्राइस्टचर्च हमले के बाद मुस्लिमों में डर का माहौल है। इस बीच, बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सामने आए हैं। मुस्लिमों की मदद के लिए कुछ लोग फंड जुटा रहे हैं तो कुछ लोग उनके खाने का प्रबंध कर रहे हैं। सोशल मीडिया एक शख्स ने लिखा कि अगर क्राइस्टचर्च में कोई मुस्लिम डरा हुआ है और वो बाहर निकलने से कतरा रहा है तो वह उनके साथ घूमने को तैयार है। 

हमलावर को रोकने की कोशिश में दो पाक नागरिकों की मौत

न्यूजीलैंड में दो मस्जिदों पर हुए आतंकवादी हमले में दो पाकिस्तानी नागरिक मारे गए हैं। इनमें से एक की मौत हमले के दौरान हमलावर को काबू में करने के दौरान हुई थी। ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की खबर के अनुसार हमले में घायल नईम रशीद की इलाज के दौरान मौत हो गई और उनकी पहचान क्राइस्टचर्च शहर में मस्जिद पर हमला करने वाले दक्षिणपंथी आतंकवादी पर झपटने वाले व्यक्ति के रूप में की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राशिद को उस समय गोली लगी जब उसने क्राइस्टचर्च की एक मस्जिद में घुसे हमलावर को पकड़ने का प्रयास किया था।

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