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इतालवी नौसैनिकों के मामले में एक नया मोड़

Mon, 05 May 2014 11:03 AM IST
Updated Mon, 05 May 2014 11:03 AM IST
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New twist in case of death of Indian fishermen

साल 2012 में हुई दो भारतीय मछुआरों की हत्या के अभियुक्त इतालवी नौसैनिकों के मामले में एक नया मोड़ आ गया है।

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द्विपक्षीय कोशिशों के नाकाम हो जाने के बाद इटली अब इस मसले पर गंभीरता से अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता पर विचार कर रहा है। यह बात इटली के रक्षा मंत्री फेडेरिक मोगरिनी ने कही।

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार रक्षा मंत्री फेडेरिक मोगरिनी ने इटली की सीनेट में कहा, “इस मामले में अब दोतरफ़ा कोशिशों की कोई संभावना नहीं बची है। इसलिए हमारे पास अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता का सहयोग लेने के अलावा कोई विकल्प शेष नहीं रह गया है।”
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इटली के दो नौसैनिकों पर दो भारतीय मछुआरों की हत्या का मामला चल रहा है। 2012 के इस मामले में इतालवी नौसैनिकों का कहना है कि उन्होंने इन मछुआरों को समुद्री डाकू समझ लिया था।

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सुनवाई का इंतज़ार

New twist in case of death of Indian fishermen

एएनएसए समाचार एजेंसी ने मोगरिनी के हवाले से बताया है कि इटली भारत की अदालत में इस मामले की सुनवाई के तरीक़े को 'वैध' नहीं मानता। वे आगे कहती हैं, “हम भारत की अदालती कार्रवाई की वैधता को मान्यता नहीं देते, इसलिए हमें इससे कोई उम्मीद नहीं है।”

मोगरिनी ने आगे कहा, “हम एक समन्वयक की अगुवाई में विशेषज्ञों का एक दल बना रहे हैं, जो इस मामले में अगला क़दम उठाएगा।”

फ़रवरी, 2012 में केरल के समुद्र तट के पास हुई दो भारतीय मछुआरों की हत्या के अभियुक्त इतालवी नौसैनिकों मसीमिलियानो लातोर और सल्वातोर गिरोन इस मामले में सुनवाई का इंतज़ार कर रहे हैं।

एक इतालवी तेल टैंकर की सुरक्षा में तैनात इन नौसैनिकों का अपनी सफ़ाई में कहना था कि उन्होंने मछुआरों को ग़लती से समुद्री डाकू समझ लिया था।

ये नौसैनिक फ़िलहाल नई दिल्ली स्थित इतालवी दूतावास में रहते हुए अदालती सुनवाई का इंतज़ार कर रहे हैं। इटली ने भारत से लातोर और गिरोन को घर वापस भेजने और सारा मामला ख़त्म करने का निवेदन किया है।

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