तूतनखामन के पिरामिड से निकलेगा दुनिया का सबसे बड़ा खजाना!
- तूतनखामन की सोने से मढ़ी कब्र के नीचे मिले दो कक्षों में निकल सकता है अब तक का सबसे बड़ा खजाना।
- चार हजार साल से भी पुराना है ये पिरामिड।
- रोबोट के जरिए पिछले तीन साल से की जा रही थी खोज।
विस्तार
मिस्र के रहस्यमयी पिरामिडों की दुनिया से एक और सनसनीखेज खबर आई है। मिस्र के फराओ (किंग) तूतनखामन के पिरामिड में मुख्य कब्र के नीचे दो और कक्ष होने के सबूत मिले हैं।
चार हजार साल से भी ज्यादा पुराने फराओ के पिरामिड में तूतनखामन की सोने से मढ़ी कब्र वाले कक्ष के बिलकुल ठीक नीचे पिरामिड रोवर (रोबोट कैमरा) को ठोस दीवार और दो कमरे होने के संकेत मिले हैं। रोबोट राडार ने इन कमरों के हाई रेज्योल्यूशन तस्वीरों के आधार पर रिपोर्ट दी है कि इन कमरों के भीतर धातु और ऑरगेनिक धातु है।
दीवारों के भीतर क्या है- अब पता चलेगा
अन्तरराष्ट्रीय पुरातत्व विभाग के अनुसार रोबोट कैमरा पिछले तीन सालों से तूतनखामन की कब्र वाले मुख्य कक्ष की दीवार के आस पास कक्ष तलाशने की कोशिश में लगा था। पिछले दिनों इस मिशन को तब सफलता मिली जब रोबोट को मुख्य कब्र के ठीक नीचे दो और कक्ष होने के संकेत मिले।
रोबोट ने हाई रिज्योल्यूशन सेंसर की मदद से दावा किया कि इन कमरों में नए जमाने में बहुमूल्य कही जाने वाली धातु और ऑरगेनिक धातु का भंडार है।
कमरों के भीतर धातु होने की खबर से लगभग तय हो गया है कि कई हजार सालों से दुनिया के लिए रहस्य बना फराओ का पिरामिड जल्द ही खजाना उगल सकता है।
ये स्केन ब्रिटिश इजिप्टोलॉजिस्ट डॉ. निकोलस रीव्स की उस थ्योरी के बाद किए गए थे जिसमें उन्होने संभावना जताई थी कि तूतनखामन की कब्र के पार मिस्र की महारानी और तूतनखामन की सौतेली मां नेफ्रेतीती की कब्र हो सकती है।
खजाना या राज घराने की औरतें
रीव्स की इस थ्योरी पर गौर करते हुए पिरामिड रोवर ने अक्तूबर के बाद दीवारों का हाई रिज्योल्यूशन अध्ययन करना शुरू किया और नतीजा मिस्र के लिए भरपूर उत्साहजनक है।
मिस्र के एंटीक्यूटीज (प्राचीन विरासत) मिनिस्टर डॉ. ममदोह अल्दामदी ने कहा कि रीव्स की इस थ्योरी पर गौर करते हुए पिरामिड रोवर ने अक्तूबर के बाद दीवारों का हाई रिज्योल्यूशन अध्ययन करना शुरू किया और नतीजा मिस्र के लिए भरपूर उत्साहजनक है।
हालांकि यह संभावना भी प्रबल बनी हुई है कि एक कक्ष में महारानी नेफ्रेतीती की कब्र भी हो सकती है। अगर कक्ष में ये कब्र मिलती है तो तीन हजार साल पुराने महारानी नेफ्रेतीती के अप्रतिम सौंदर्य से जुड़े सभी राज भी खुल जाएंगे।
उन्होंने कहा कि हो सकता है कि रीव्स की थ्योरी सही हो और एक कक्ष में नेफ्रेतीती की ममी हो, इसके अलावा हमें वहां तूतनखामन की सौतेली बहन आंखेसातामेन और सगी मां कीया की कब्र मिल जाएं।
19 साल के फराओ तूतेनखामेन ने की थी सौतेली बहन से शादी
कहा जाता है कि तूतनखामन महज नौ साल की उम्र में ही राजगद्दी पर बैठ गए थे और 19 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई। ये भी कहा जाता है कि फराओ ने अपनी ही सौतेली बहन आंखेसातामेन से शादी की थी।
1922 में पर्यावरणविद जॉन कार्टर ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर तूतनखामन की ममी खोज निकाली थी। इस ममी को तरल सोने से मढा गया था और ताबूत के अंदर सोने और हाथी दांत के कई आभूषण थे। सोने का मास्क ममी के चेहरे से हटाकर जांच के लिए काहिरा के म्यूजियम में रखा गया और ममी को फिर से संरक्षित करके पिरामिड में रख दिया गया।
कुछ इतिहासकार कहते हैं कि फराओ को उसकी सौतेली मां ने मरवा दिया जबकि कुछ इतिहासकारों का दावा है कि वंशानुगत बीमारी के चलते फराओ का मेरुदंड टेढ़ा था, 19वें साल में मलेरिया के चलते उसकी हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।
मिस्र सभ्यता में शवों को संरक्षित करके ममी में तब्दील करने का चलन था जिसके चलते फराओ राजघराने के सभी सदस्यों को ममी के तौर पर पिरामिडो में दफनाया गया।