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भारत से राजदूत वापस बुलाने पर नेपाल में छिड़ा सियासी संग्राम

Sun, 08 May 2016 05:12 AM IST
अतुल मिश्र/ अमर उजाला, दिल्ली
अतुल मिश्र/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Sun, 08 May 2016 05:12 AM IST
सार

  • नेपाली कांग्रेस भड़की, कहा- फैसले का कारण स्पष्ट करे ओली सरकार
  • उप प्रधानमंत्री ने कहा, सत्ता परिवर्तन के खेल में शामिल होने की वजह से बुलाया वापस

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Nepal politics takes u turn after recalling ambassador to India
ओली

विस्तार

भारत में नेपाल के राजदूत दीप कुमार उपाध्याय को वापस बुलाने के नेपाल सरकार के निर्णय को लेकर सियासी संग्राम छिड़ गया है। नेपाल की कांग्रेस पार्टी ओली सरकार के इस फैसले से बेहद नाराज है और उसने सरकार से उपाध्याय को वापस बुलाने का कारण स्पष्ट करने को कहा है।

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सत्ताधारी एमाले के नेता और उपप्रधानमंत्री भीम रावल ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रहित के विपरीत काम करने की वजह से राजदूत को वापस बुलाया गया है। उन्होंने उपाध्याय पर सत्ता परिवर्तन के खेल में शामिल होने का भी आरोप लगाया। संसदीय बैठक में बोलते हुए कांग्रेस के सांसद प्रकाश शरण ने कहा कि सरकार को राजदूत को वापस बुलाने का कारण बताना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि उपाध्याय पर आरोप लगाकर नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) के नेतृत्व वाली सरकार प्रतिशोध की राजनीति कर रही है। कांग्रेस के केंद्रीय स्तर के नेता रहे उपाध्याय को तत्कालीन सुशील कोइराला की नेतृत्व वाली सरकार ने भारत में नेपाल का राजदूत नियुक्त किया था। कांग्रेस की पहल पर ओली सरकार को गिराने का प्रयास असफल होने के दिन ही नेपाल सरकार ने राजदूत को वापस बुला लिया था।
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नेपाल के विदेश मंत्रालय के सूत्रों की मानें, तो उपाध्याय को वापस बुलाने के पीछे सरकार को सूचित किए बिना नेपाल में भारतीय राजदूत रंजीत रे के साथ कंचनपुर
में कार्यक्रम आयोजित करने, विदेश मंत्रालय की अनुमति के बिना दूतावास छोड़कर जाने और सरकार गिराने के खेल में शामिल होने जैसे गंभीर कारण शामिल हैं।

फिर से तय होगा नेपाली राष्ट्रपति का भारत दौरा

Nepal politics takes u turn after recalling ambassador to India
vidya bhandari

नेपाली राष्ट्रपति का भारत दौरा रद्द होने के बाद उपाध्याय को हटाए जाने की घटना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि रक्षामंत्री रावल ने साफ कहा है कि राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी की भारत यात्रा के रद्द होने का उपाध्याय के मामले से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को सोमवार को संसद में सरकार का नीति दस्तावेज घोषित करना था। इसी तरह के कुछ बहुत जरूरी काम थे, जिसकी वजह से उनकी भारत यात्रा रद्द की गई।

उधर, नेपाल के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री कमल थापा ने संसद में भंडारी की भारत यात्रा रद्द होने के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि सही समय पर दोबारा राष्ट्रपति की यात्रा तय की जाएगी।

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