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नेपाल में विमान हादसा, 19 लोगों की मौत
काठमांडू/एजेंसी
Updated Fri, 28 Sep 2012 10:27 PM IST
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नेपाल में एक निजी एयरलाइन का डोर्नियर विमान यहां त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिससे उसमें सवार सभी 19 लोगों की मौत हो गई। हवाईअड्डे को अधिकारियों ने बताया कि सीता एयरवेज के इस छोटे विमान ने स्थानीय समयानुसार सुबह छह बजकर 15 मिनट पर उड़ान भरी और दो मिनट बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
विमान में सवार 16 यात्री तथा चालक दल के तीन सदस्य पहाड़ी इलाके में ट्रैकिंग के लिए माउंट एवरेस्ट का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले लुकला की ओर जा रहे थे। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर बचाव समन्वय समिति के अनुसार डोर्नियर विमान 9एन एचएस डी 228 हादसे में मारे गए 16 यात्रियों में से सात ब्रिटिश, पांच चीनी तथा चार नेपाली नागरिक हैं। चालक दल के तीनों सदस्य नेपाली थे। अधिकारियों ने बताया कि विमान ने उड़ान भरते ही आग पकड़ ली और कोटेश्वर क्षेत्र में मनाहारा नदी के किनारे पर गिर गया। पुलिस, सेना तथा हवाईअड्डा कर्मचारी हादसे के तुरंत बाद राहत एवं बचाव कार्यों के लिए दुर्घटनास्थल पर पहुंचे।
विमान हादसे के कारणों का तत्काल पता नहीं चल पाया है। त्रिभुवन एयरपोर्ट के प्रबंधक रतीश चंद्र लाल सुमन ने बताया कि विमान के पायलट ने हवाई अड्डे के कंट्रोलर को बताया था कि उसका विमान किसी पक्षी से टकरा गया है। हालांकि हवाईअड्डे के कुछ अधिकारियों का अनुमान है कि संभवतऱ् आसमान में किसी पक्षी के विमान से टकराने के कारण वह उड़ान भरते ही लपटों में घिर गया और गिरने से पूर्व पायलट ने हो सकता है कि विमान को नदी के समीप उतारने की कोशिश की होगी।
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सड़क और हवाई यातायात के मामले में नेपाल का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है और नेपाल में पिछले दो सालों में यह छठी बड़ी विमान दुर्घटना है। इससे पूर्व, इस वर्ष मई में अग्नि एयर का डोर्नियर विमान काठमांडू के उत्तर में जोमसोम हवाईअड्डे के नजदीक दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और इस हादसे में 15 लोग मारे गए थे। उस हादसे में मारे गए लोगों में 13 भारतीय तीर्थयात्री भी शामिल थे जो तिब्बत सीमा के समीप प्रसिद्ध तीर्थस्थल मुक्तिनाथ को जा रहे थे।
पिछले वर्ष सितंबर में एक छोटा बीच एयरक्राफ्ट काठमांडू के समीप गोदावरी गांव में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और इसमें दस भारतीयों समेत 19 लोग मारे गए थे। यह विमान पर्यटकों को एवरेस्ट के समीप पहाड़ों की उड़ान पर लेकर जा रहा था।
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विमान में सवार 16 यात्री तथा चालक दल के तीन सदस्य पहाड़ी इलाके में ट्रैकिंग के लिए माउंट एवरेस्ट का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले लुकला की ओर जा रहे थे। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर बचाव समन्वय समिति के अनुसार डोर्नियर विमान 9एन एचएस डी 228 हादसे में मारे गए 16 यात्रियों में से सात ब्रिटिश, पांच चीनी तथा चार नेपाली नागरिक हैं। चालक दल के तीनों सदस्य नेपाली थे। अधिकारियों ने बताया कि विमान ने उड़ान भरते ही आग पकड़ ली और कोटेश्वर क्षेत्र में मनाहारा नदी के किनारे पर गिर गया। पुलिस, सेना तथा हवाईअड्डा कर्मचारी हादसे के तुरंत बाद राहत एवं बचाव कार्यों के लिए दुर्घटनास्थल पर पहुंचे।
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विमान हादसे के कारणों का तत्काल पता नहीं चल पाया है। त्रिभुवन एयरपोर्ट के प्रबंधक रतीश चंद्र लाल सुमन ने बताया कि विमान के पायलट ने हवाई अड्डे के कंट्रोलर को बताया था कि उसका विमान किसी पक्षी से टकरा गया है। हालांकि हवाईअड्डे के कुछ अधिकारियों का अनुमान है कि संभवतऱ् आसमान में किसी पक्षी के विमान से टकराने के कारण वह उड़ान भरते ही लपटों में घिर गया और गिरने से पूर्व पायलट ने हो सकता है कि विमान को नदी के समीप उतारने की कोशिश की होगी।
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सड़क और हवाई यातायात के मामले में नेपाल का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है और नेपाल में पिछले दो सालों में यह छठी बड़ी विमान दुर्घटना है। इससे पूर्व, इस वर्ष मई में अग्नि एयर का डोर्नियर विमान काठमांडू के उत्तर में जोमसोम हवाईअड्डे के नजदीक दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और इस हादसे में 15 लोग मारे गए थे। उस हादसे में मारे गए लोगों में 13 भारतीय तीर्थयात्री भी शामिल थे जो तिब्बत सीमा के समीप प्रसिद्ध तीर्थस्थल मुक्तिनाथ को जा रहे थे।
पिछले वर्ष सितंबर में एक छोटा बीच एयरक्राफ्ट काठमांडू के समीप गोदावरी गांव में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और इसमें दस भारतीयों समेत 19 लोग मारे गए थे। यह विमान पर्यटकों को एवरेस्ट के समीप पहाड़ों की उड़ान पर लेकर जा रहा था।