म्यांमार की नई लोकतांत्रिक संसद का सत्र शुरू
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लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू की म्यांमार की सत्ता की कमान जल्द ही संभालने जा रही हैं। हालांकि म्यांमार के संविधान के तहत वह खुद देश की राष्ट्रपति नहीं बन पाएंगी, लेकिन सत्ता की चाबी उन्हीं के हाथ में होगी।
इसी कड़ी में सोमवार को म्यांमार की नई संसद का सत्र शुरू हो गया, जो 50 साल से ज्यादा समय बाद पहली बार लोकतांत्रिक सरकार का गठन करेगी।
नई संसद में सान सू की की ‘नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी पार्टी’ (एनएलडी) के सांसदों का वर्चस्व है। पिछले साल नवंबर में आम चुनाव में एनएलडी ने संसद के उच्च और निचले सदन की 80 फीसदी सीटें जीती।
आंग सान सू अपने हाथ में ले सकती है सत्ता की कमान
अब एनएलडी संविधान के तहत म्यांमार में नई सरकार का गठन करेगी। दक्षिण पूर्व एशियाई देश म्यांमार की सत्ता पर 1962 से काबिज सेना ने 2011 में देश के राष्ट्रपति थीन सीन के नेतृत्व वाली नागरिक सरकार को सत्ता सौंपने को राजी हो गई थी। इसे सुधार की ओर उठाया गया अहम कदम माना गया।
मार्च के आखिरी या अप्रैल के शुरुआत में एनएलडी के सत्ता संभालते ही थीन सीन देश के राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे देंगे। हालांकि नोबेल पुरस्कार विजेता सू की ने अभी तक इसकी घोषणा नहीं की है कि उनकी पार्टी की ओर से किसको राष्ट्रपति नामित किया जाएगा। इतनी बड़ी जीत मिलने के बावजूद भी एनएलडी को सत्ता में सेना को भागीदार बनाना होगा।
दरअसल, संविधान के तहत म्यांमार की संसद में 25 फीसदी सीटें सेना के लिए आरक्षित हैं। सत्ता हस्तांतरण को लेकर सू की ने सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की।