IS ने ली बांग्लादेश में पुजारी की हत्या की जिम्मेदारी
भारतीय सीमा से सटे बांग्लादेश के सोनापोटा गांव के एक हिंदू मंदिर के मुख्य पुजारी जनेश्वर राय की रविवार की रात तीन मोटरबाइक सवारों ने बेरहमी से हत्या कर दी। इस हमले में दो श्रद्धालु भी घायल हुए हैं। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली है।
हिंदू समुदाय को लक्ष्य कर आईएसआईएस द्वारा किया गया यह पहला हमला है। इससे पहले भी बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर कई हमले हो किए जा चुके हैं। पुजारी की जिस तरह से हत्या की गई उसके बाद अमेरिका स्थित निजी साइट इंटेलीजेंस ग्रुप ने आईएसआईएस का बयान अरबी में प्रकाशित किया है।
बयान के अनुसार, ‘सुरक्षा ऑपरेशन के दौरान खलीफा के सैनिकों ने देवीगंज मंदिर के संस्थापक और प्रमुख पुजारी का काम तमाम कर दिया जो हिंदू था। उत्तरी बांग्लादेश के पंचागढ़ क्षेत्र में सैनिकों का एक साथी हल्के हथियारों के वार से घायल हुआ था और ये मुजाहिदीन बिना किसी नुकसान के वापस अपनी जगह लौट आए।’
जिहादी गतिविधियों पर ऑनलाइन नजर रखने वाली साइट इंटेलीजेंस ग्रुप ने कहा है कि जनेश्वर राय की हत्या की जिम्मेदारी आईएसआईएस ने ली है। इसे आईएस से संबद्ध अमाक न्यूज एजेंसी ने ट्विटर पर प्रकाशित किया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। (तस्वीर में बंग्लादेश की पुलिस)
चल रही है मामले की जांच
पड़ोस में रहने वाले एक श्रद्धालु ने बताया कि तीन मोटरबाइक सवार हमलावरों ने पुजारी जनेश्वर राय के संतागुढ़ियो मंदिर के परिसर स्थित घर पर पत्थरों से हमला किया जिसके बाद वे बाहर निकले।
हत्यारों ने गला रेत कर उनकी हत्या कर दी। घटना की जांच की जा रही है। जांच अधिकारियों के अनुसार, हत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
इस मामले की जांच कर रहे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आईएसआईएस के दावे की प्रामाणिकता पर सवाल करते हुए कहा कि शुरुआती जांच से यह बात साबित हो रही है कि प्रतिबंधित जमातुल मुजाहिदीन बांग्लादेश और जमात-ए-इस्लामी का संबंध इस हत्या से है। (तस्वीर में पुजारी के परिवार की फोटो)