त्रिपोली हवाईअड्डे पर मिलिशिया का कब्जा
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लीबिया में एक हथियारबंद गुट त्रिपोली के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर कब्जा कर लिया है। लीबिया की नव-निर्वाचित संसद ने इस घटना की कड़ी आलोचना की है।
उस हथियारबंद गुट का कहना है कि उसने एक अन्य हथियारबंद समूह के साथ लड़ाई के बाद त्रिपोली के हवाईअड्डे पर नियंत्रण कर लिया। पिछले महीने हुई लड़ाई के बाद हवाईअड्डा पहले से ही बंद है।
2011 में लंबे समय तक लीबिया के शासक रहे मुअम्मर गद्दा़फ़ी के एक क्रांति में तख्तापलट होने के बाद से देश बहुत सारे सशस्त्र बलों के बीच की लड़ाई में पिस रहा है।
वहीं मिलिशिया के एक प्रवक्ता ने कहा कि नव-निर्वाचित संसद गैरकानूनी है और पूर्व में देश का शासन संभालने वाली इस्लामी प्रभुत्व वाली संस्था जनरल नेशनल काउंसिल को फिर से बहाल करने की मांग की है।
'मिस्त्र और अरब देशों पर आरोप'
हाल ही में सशस्त्र समूहों के बीच लड़ाई में तेज़ी होने के कारण सैकड़ों लोग मारे गए हैं। अभी फिलहाल जिस सशस्त्र समूह ने हवाईअड्डे पर कब्जा किया है उसमें इस्लामी लड़ाकों समेत मिसराता शहर के लड़ाके भी हैं।
इस सशस्त्र समूह का कहना है कि इस हफ्ते दूसरी बार हुए एक रहस्यमयी हवाई हमले के बावजूद उन्होंने हवाईअड्डे को क़ब्ज़े में ले लिया है।
इस सशस्त्र समूह के प्रवक्ता ने इस हवाई हमले के लिए मिस्त्र और अरब देशों पर आरोप लगाया। यह दोनों देश क्षेत्र में मुस्लिमों के ख़िलाफ़ कार्रवाई में आगे रहे हैं।
हवाईअड्डे का हाथ से निकल जाना जिनतान शहर के सशस्त्र समूह के लिए एक झटका है। जिनतान शहर के लड़ाके जनरल खलीफा हैदर के साथी हैं जिन्होंने इस साल के शुरुआत में इस्लामी सरकार के लिए आंदोलन शुरु किया था।