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जर्मनी में नहीं बन पाई सरकार, दोबारा चुनाव की मांग

Tue, 21 Nov 2017 04:12 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Tue, 21 Nov 2017 04:12 PM IST
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Merkel demand re-elections preferable to minority government as talks fail
एंगेला मर्केल
जर्मनी में गठबंधन सरकार बनाने की कोशिश नाकाम होने से राजनीतिक संकट गहरा गया है। जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने कहा है कि अल्पमत सरकार का नेतृत्व करने की बजाय वो चाहेंगी कि देश में दोबारा चुनाव कराए जाएं। मर्केल ने कहा कि हालांकि बातचीत बेनतीजा रही, लेकिन उन्हें अपने पद से इस्तीफा देने का कोई कारण नहीं दिख रहा।
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रविवार शाम उदारवादी फ्री डेमोक्रेट पार्टी (एफडीपी) ने बातचीत से बाहर जाने का फैसला किया था। जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक-वॉल्टर स्टाइनमायर ने सभी पक्षों यानी सभी राजनीतिक पार्टियों से अपील की है कि वे "अपने फैसलों पर दोबारा विचार" करें। उन्होंने पार्टियों से जर्मनी की "भलाई" के लिए समझौता करने की अपील की और कहा कि देश अभूतपूर्व स्थिति से गुजर रहा है।
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मर्केल के लिए सबसे बड़ी चुनौती

12 साल से जर्मनी की चांसलर रहीं एंगेला मर्केल के सामने ये अब तक की सबसे बड़ी चुनौती है। मर्केल ने जर्मन टेलीविजन एआरडी को बताया, "जितना हमने सोचा था, नई सरकार बनाने का रास्ता उससे कहीं जायादा मुश्किल साबित हो रहा है" उन्होंने गठबंधन सरकार बनने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया, लेकिन कहा- "मैं नहीं कहती कि ऐसा कभी नहीं होगा, लेकिन मैं इस बात को लेकर अभी स्पष्ट नहीं हूं। मुझे लगता है कि फिर से चुनाव कराना ही बेहतर होगा।"
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जेडडीएफ को दिए एक इंटरव्यू में मर्केल ने कहा कि जर्मनी को एक स्थायी सरकारी की जरूरत है "जिसे हर मामले में फैसला लेने के लिए बहुमत हासिल ना करना पड़े।"

 

फिर से चुनाव कराना बेहतर

Merkel demand re-elections preferable to minority government as talks fail
एंगेला मर्केल
मर्केल की पार्टी सीडीयू के कुछ लोगों को उम्मीद है कि सोशल डेमोक्रेट पार्टी (एसपीडी) के साथ मिल कर गठबंधन सरकार बनाना अब भी संभव है। लेकिन पार्टी ने बार-बार इस विकल्प से इंकार किया है। इससे पहले सोमवार को सोशल डेमोक्रेट पार्टी के नेता मार्टिन शुल्त्ज ने कहा था कि "उनकी पार्टी फिर हाने वाले चुनावों से नहीं डरती।"

एसपीडी के साथ एक फिर से गठबंधन की संभावना के बारे में मर्केल ने जेडडीएफ को दिए अपने इंटरव्यू में बताया कि वो राष्ट्रपति स्टाइनमायर और एसपीडी के नेताओं के बीच होने वाली बातचीत का इंतज़ार कर रही हैं। उनका कहना है कि उनका इस्तीफा मांगना नए गठबंधन के लिए सकारात्मक शुरुआत नहीं होगी।

लंबी प्रक्रिया है दोबारा चुनाव

जर्मनी में अगर दोबारा चुनाव कराने की नौबत आई तो इसके लिए राष्ट्रपति स्टाइनमायर को फैसला लेना होगा और इससे पहले एक लंबी प्रक्रिया अपनाई जाएगी जो कई महीने चल सकती है। लेकिन स्टाइनमायर फिर से चुनाव कराए जाने को अंतिम रास्ते के रूप में देख रहे हैं। सोमवार को एक छोटे भाषण में उन्होंने नेताओं से कहा कि उनकी भी एक जिम्मेदारी है जिसे वापस मतदाताओं को नहीं सौंपा जाना चाहिए। इसी साल सितंबर में हुए चुनाव में मर्केल की पार्टी ने चुनाव में जीत हासिल की थी जिसमें मुख्य पार्टियों के अलावा बाकी पार्टियों को भी वोट मिले जिसकी वजह से बहुमत सरकार नहीं बन पाई।

चार हफ्ते चली बातचीत

गठबंधन सरकार बनाने के लिए एफडीपी, द ग्रीन और सीडीयू/ससएसयू के बीच बीते चार सप्ताह से बातचीत चल रही थी जो रविवार को बेनतीजा खत्म हो गई जब एफडीपी बातचीत से बाहर चली गई। एफडीपी नेता क्रिस्टीयन लिंडनर ने अपनी पार्टी के बचाव में कहा कि उन्होंने "ये फैसला बिना सोचे समझे नहीं लिया है।"
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