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मलयेशिया पीएम महातिर बोले- जाकिर को आसानी से भारत को नहीं सौंपेंगे
वर्ल्ड डेस्क, अमर अजाला
Updated Wed, 11 Jul 2018 05:46 AM IST
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मलयेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने मंगलवार को कहा कि विवादित कट्टरपंथी प्रचारक जाकिर नाईक को सौंपने की भारत की मांग आसानी से पूरी नहीं होगी। मलयेशिया के पीएम का यह बयान जाकिर से शनिवार को उनकी मुलाकात के तीन दिन बाद आया है।
जाकिर भारत में कथित रूप से आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में आरोपी है। वह 2016 में भारत छोड़ चुका है। न्यू स्ट्रेट टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार मलयेशिया के प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी प्रकार की मांग को पूरा करने से पहले सभी पहलुओं की जांच करती है। ऐसा नहीं होने पर कोई भी शिकार हो सकता है।
महातिर ने पिछले सप्ताह कहा था कि जाकिर को भारतीय अधिकारियों को नहीं सौंपा जाएगा। नाईक को मलयेशिया में स्थायी रूप से रहने की अनुमति मिल चुकी है। पीएम ने कहा था कि जाकिर जब तक यहां कोई गड़बड़ी नहीं करता है तब तक मलयेशिया में रह सकता है। मालूम हो कि मलयेशिया की भारत के साथ प्रत्यर्पण संधि है और भारत नाईक के प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक आग्रह कर चुका है।
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उधर जाकिर नाईक ने कहा कि अपने यहां शरण देने और निष्पक्ष जांच के लिए वह मलयेशिया सरकार और पीएम महातिर का शुक्रिया अदा करता है। उसने कहा कि इस फैसले से मलयेशिया के न्याय और सांप्रदायिक सौहार्द में उसका भरोसा और पक्का हुआ है।
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जाकिर भारत में कथित रूप से आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में आरोपी है। वह 2016 में भारत छोड़ चुका है। न्यू स्ट्रेट टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार मलयेशिया के प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी प्रकार की मांग को पूरा करने से पहले सभी पहलुओं की जांच करती है। ऐसा नहीं होने पर कोई भी शिकार हो सकता है।
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महातिर ने पिछले सप्ताह कहा था कि जाकिर को भारतीय अधिकारियों को नहीं सौंपा जाएगा। नाईक को मलयेशिया में स्थायी रूप से रहने की अनुमति मिल चुकी है। पीएम ने कहा था कि जाकिर जब तक यहां कोई गड़बड़ी नहीं करता है तब तक मलयेशिया में रह सकता है। मालूम हो कि मलयेशिया की भारत के साथ प्रत्यर्पण संधि है और भारत नाईक के प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक आग्रह कर चुका है।
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उधर जाकिर नाईक ने कहा कि अपने यहां शरण देने और निष्पक्ष जांच के लिए वह मलयेशिया सरकार और पीएम महातिर का शुक्रिया अदा करता है। उसने कहा कि इस फैसले से मलयेशिया के न्याय और सांप्रदायिक सौहार्द में उसका भरोसा और पक्का हुआ है।