भारत-नेपाल की दोस्ती को मजबूत कर स्वदेश के लिए रवाना हुए पीएम मोदी
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दो दिवसीय यात्रा पर नेपाल पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को काठमांडू एयरपोर्ट से स्वदेश के लिए रवाना हो चुके हैं। इससे पहले अपने इस दौरे के दौरान वह नेपाल के प्रसिद्ध मुक्तिनाथ मंदिर पहुंचे और देर तक पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर के पुजारी से हाथ में कलावा बंधवाया और जमीन पर बैठकर पूरे विधि-विधान से पूजा करते दिखाई दिये। यही नहीं पूजा-अर्चना के बाद पीएम मोदी वहां मौजूद लोगों के बीच पहुंचे और उनके साथ मिलकर काफी देर तक ढोल भी बजाया। बता दें कि कल जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान उन्होंने मजीरा भी बजाया था।
Prime Minister Narendra Modi leaves from #Nepal's Kathmandu pic.twitter.com/mJdpZnngtJ
— ANI (@ANI) May 12, 2018विज्ञापन
शास्त्रों में प्राचीन काल से ही मुक्तिनाथ मंदिर का महत्व रहा है। यहां भगवान विष्णु की पूजा शालिग्राम रूप में होती है। यह मंदिर हिमालय में 3 हजार 700 मीटर से भी ज्यादा ऊंचाई पर मौजूद है। मुक्तिनाथ मंदिर में दर्शन करने वाले मोदी भारत के पहले पीएम हैं।
मुक्तिनाथ में पूजा करने के बाद पीएम मोदी पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचे। पशुपतिनाथ में पीएम का यह दूसरा दौरा है। इस दौरान पीएम मोदी ने विजिटर बुक में अपनी नेपाल यात्रा के अनुभव के बारे में भी लिखा। उन्होंने नेपाल के पीएम ओली का शुक्रिया करते हुए लिखा कि उन्हें पशुपतिनाथ मंदिर आने पर बहुत खुशी हुई, यह मंदिर भारत और नेपाल की धार्मिक विरासत का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन करने के बाद नेपाल के पूर्व पीएम पुष्प दहल प्रचंड से काठमांडू में मुलाकात की। इसके अलावा वह महांथा ठाकुर समेत राष्ट्रीय जनता पार्टी नेपाल के सदस्यों से भी मिले। नेपाल के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद पीएम मोदी काठमांडू के राष्ट्रीय सभागृह में एक नागरिक समारोह कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भारतीय नेपाल की ओर देखते हैं तो हमें नेपाल को देखकर, यहां के माहौल को देखकर खुशी होती है। नेपाल में माहौल है आशा का, उज्जवल भविष्य की कामना का, लोकतंत्र की मजबूती का और समृद्ध नेपाल, सुखी नेपाली के विजन का। उन्होंने कहा कि नेपाल की इस यात्रा में मुझे पशुपतिनाथ, जनकपुर धाम और मुक्तिनाथ, तीनों पवित्र तीर्थ स्थानों पर जाने का सुअवसर मिला। ये तीनों सिर्फ महत्वपूर्ण तीर्थस्थल ही नहीं है, ये भारत और नेपाल के अडिग और अटूट संबंधों का हिमालय है।
उन्होंने कहा कि काठमांडू सिर्फ नेपाल की राजधानी नहीं है, काठमांडू अपने आप में एक पूरी दुनिया है और इस दुनिया का इतिहास उतना ही पुराना, उतना ही भव्य और उतना ही विशाल है जितना हिमालय।
गौरतलब है कि नेपाल यात्रा के पहले दिन पीएम मोदी ने दोनों देशों के विकास के लिए पांच ‘टी’ ट्रेडिशन, ट्रेड, टूरिज्म, टेक्नोलॉजी और ट्रांसपोर्ट को सबसे जरूरी बताया था। भारत के शहर जयनगर और नेपाल के जनकपुर के बीच रेल निर्माण का काम इस साल पूरा होने की बात कहते हुए मोदी ने कहा था कि बिहार के रक्सौल होते हुए काठमांडू को रेल मार्ग से जोड़ने का काम भी तेजी से चल रहा है।
नेपाल की समृद्धि और खुशहाली चाहता है भारत
पीएम मोदी ने नेपाल यात्रा के पहले दिन कहा था कि नेपाल भारत से जलमार्ग के जरिये जुड़ेगा। यह परियोजना नेपाल के सामाजिक, आर्थिक परिवर्तन के लिए ही नहीं कारोबार के लिए भी अहम है। नेपाल और भारत के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की बात कहते हुए मोदी ने कहा था कि तकनीक के बिना आज के दौर मे विकास संभव नहीं है। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के ‘समृद्धि नेपाल, सुखी नेपाल’, और ‘सबका साथ, सबका विकास’ अभियान को जोड़ते हुए मोदी ने कहा था कि भारत भी नेपाल की समृद्धि और खुशहाली चाहता है।
भारतीय क्षेत्र के विकास का फायदा नेपाल को भी
स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत आज विश्व के पांच देशों में एक है। पीएम मोदी ने कहा था कि पड़ोसी देश के लिए उपग्रह अंतरिक्ष में भेजने का वादा पिछले साल पूरा किया गया है। नेपाल से सटे पूर्व भारतीय क्षेत्र के विकास के लिए विशेष ध्यान देने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि सीमावर्ती भारतीय क्षेत्र का विकास होने से सीमावर्ती नेपाली क्षेत्र को भी फायदा मिलेगा।
Prime Minister Narendra Modi offers prayers at #Nepal's Muktinath Temple. pic.twitter.com/Gba16qACyd
— ANI (@ANI) May 12, 2018
Prime Minister Narendra Modi's message in the visitors book at Pashupatinath Temple in Kathmandu #Nepal pic.twitter.com/5islFX8D01
— ANI (@ANI) May 12, 2018