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बेनतीजा रही श्रीलंका के राष्ट्रपति और यूएनएफ सांसदों की वार्ता
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 02 Dec 2018 04:03 AM IST
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मैत्रीपाल सिरिसेना
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श्रीलंका की मुख्य तमिल पार्टी, तमिल नेशनल अलायंस (टीएनए) ने कहा है कि राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना ने आश्वासन दिया है कि अगले सप्ताह जब दोबारा संसद की बैठक होगी तब वह वर्तमान राजनीतिक संकट का समाधान कर देंगे। वैसे दोनों पक्षों के बीच भी शुक्रवार को हुई वार्ता बिना किसी नतीजे के ही समाप्त हो गई।
राष्ट्रपति ने अपदस्थ राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के यूनाईटेड नेशनल फ्रंट (यूएनएफ) और टीएनए को शुक्रवार की रात बातचीत के लिए बुलाया था कि सिरिसेना 26 अक्तूबर से पहली वाली स्थिति बहाल कर सकते हैं। लेकिन वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला।
इस बातचीत का हिस्सा रहे टीएनए के सांसद एम शिवमोहन ने संवाददाताओं से कहा, ‘राष्ट्रपति ने माना कि महिंदा राजपक्षे के पास बहुमत नहीं है। वह इस मुद्दे को सिद्ध करने के लिए चाहते हैं कि संसद एक अन्य प्रस्ताव मंजूर करे।’
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शिवमोहन ने कहा कि वैसे राष्ट्रपति का यह भी कहना था कि विश्व में अल्पमत सरकार के चलने के ढेरों उदाहरण हैं। टीएनए नेता आर संपतन ने कहा कि राष्ट्रपति ने आश्वासन दिया कि जब अगले सप्ताह फिर से संसद बैठेगी तब वह इस मुद्दे का समाधान कर देंगे।
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राष्ट्रपति ने अपदस्थ राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के यूनाईटेड नेशनल फ्रंट (यूएनएफ) और टीएनए को शुक्रवार की रात बातचीत के लिए बुलाया था कि सिरिसेना 26 अक्तूबर से पहली वाली स्थिति बहाल कर सकते हैं। लेकिन वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला।
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इस बातचीत का हिस्सा रहे टीएनए के सांसद एम शिवमोहन ने संवाददाताओं से कहा, ‘राष्ट्रपति ने माना कि महिंदा राजपक्षे के पास बहुमत नहीं है। वह इस मुद्दे को सिद्ध करने के लिए चाहते हैं कि संसद एक अन्य प्रस्ताव मंजूर करे।’
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शिवमोहन ने कहा कि वैसे राष्ट्रपति का यह भी कहना था कि विश्व में अल्पमत सरकार के चलने के ढेरों उदाहरण हैं। टीएनए नेता आर संपतन ने कहा कि राष्ट्रपति ने आश्वासन दिया कि जब अगले सप्ताह फिर से संसद बैठेगी तब वह इस मुद्दे का समाधान कर देंगे।