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ऐसा लगता है अंतरिक्ष में जब गुजारना पड़ता है एक साल

Sat, 11 Nov 2017 03:21 PM IST
बीबीसी, हिन्दी
बीबीसी, हिन्दी Updated Sat, 11 Nov 2017 03:21 PM IST
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अपने घर से दूर, शानदार नजारों के बीच स्पेस स्टेशन पर एक साल गुजारना कैसा लगता होगा? आप में से कुछ लोगों के लिए ये शायद किसी सपने से कम नहीं हो। स्कॉट केली एक अंतरिक्ष यात्री हैं जो 340 दिन अंतरिक्ष में रह कर आए हैं। अपने अनुभव बीबीसी से बांटते हुए उन्होंने बताया कि स्पेस स्टेशन में गुजारा हर दिन उनके लिए एक याद बन कर रह गया है।

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केली के मुताबिक "वहां बहुत ज्यादा काम होता है। हमें हर दिन सुबह छह बजे उठना होता है। वहां तीन तरह के काम होते हैं - या तो कोई प्रयोग करना होता है, या फिर स्पेस स्टेशन के खराब हार्डवेयर की रिपेयरिंग करनी होती है या फिर स्पेस स्टेशन के जेनरल मेंटेनेंस पर ध्यान देना होता है ताकि स्टेशन सही तरीके से काम कर सके।"
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केली के मुताबिक "मैं वहां एक वैज्ञानिक नहीं था, मैं एक साइंटिफिक सब्जेक्ट था। मैं कई प्रयोगों का ऑपरेटर रहा। मुझे लगता है कि आज से कई सालों बाद जब मैं पीछे मुड़कर अपने किए गए प्रयोगों को देखूंगा तो शायद ये अहसास होगा कि हम लोग कुछ ऐसा कर पाए जिसने हमें आगे बढ़ने में मदद की।"

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अंतरिक्ष से कैसी दिखती है धरती?

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केली के मुताबिक, "अंतरिक्ष से धरती शानदार दिखती है। ज्यादातर जगहों पर ये नीली दिखती है। हम भाग्यशाली हैं कि हमें रहने के लिए ऐसा घर मिला है, लेकिन कई जगहों पर प्रदूषण देखा जा सकता है। कई जगहों पर वातावरण बहुत खराब हो गया है।"

केली ने बताया, "धरती को अंतरिक्ष से देखने का अनुभव आपको बदल देता है। वहां रहकर मुझे लगा कि मैं कई तरह की कठिनाईयों का सामना करने हुए भी काम कर सकता हूं।"

केली ने मुताबिक, "धरती के ऊपर से देखना एक अदभुत अनुभव है। बाहर से आपको ये एक खूबसूरत और शांत जगह दिखती है। लेकिन कई बार ऐसा नहीं है। ये आपको अपने ग्रह की स्थिति के बारे में सोचने के लिए मजबूर कर देता है, धरती के प्रति आपकी सहानुभूति बढ़ जाती है।"

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