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आखिर क्या चल रहा है किम जोंग-उन के दिमाग में?

Thu, 11 Jan 2018 04:45 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 11 Jan 2018 04:45 PM IST
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Kim jong un ready to talk with South Korea
kim jong
आखिरकार ऐसा क्या हुआ कि उत्तर कोरिया दक्षिण कोरिया से बातचीत के लिए तैयार हो गया? इस सवाल का जवाब फिलहाल पक्के तौर पर किसी के पास नहीं। अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को शायद लगता हो कि उनकी वजह से दोनों कोरियाई देश बातचीत को तैयार हो गए लेकिन क्या वाकई उत्तर कोरिया अमरीका की वजह से ऐसा कर रहा है या किम जोंग-उन के पास कोई और व्यावहारिक वजह भी हो सकती है?
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उत्तर कोरिया की जीडीपी का सबसे बड़ा हिस्सा कपड़े, कोयले और सी फ़ूड के निर्यात से आता है। यह पता लगाना मुश्किल है कि उत्तर कोरिया पर लगाए गए प्रतिबंधों का उसकी अर्थव्यवस्था पर कितना असर हुआ है क्योंकि 2017 की विकास दर अभी तक मापी नहीं गई है।
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पाबंदियों के पहाड़ के नीचे आ रहा है उत्तर कोरिया
'अनवीलिंग द नॉर्थ कोरियन इकोनॉमी' किताब लिखने वाले यंग यॉन किम की मानें तो 'निर्यात में 2016 के मुक़ाबले 30 फीसदी तक की गिरावट' आई है।
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चीन उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा व्यापारिक सहयोगी रहा है। कुछ लोग मानते हैं कि चीन की मदद न होती तो प्योंगयांग अब तक खड़ा न रह पाता। लेकिन अब 'चीन को भेजे जाने वाले सामान में भी 35 फीसदी की कमी' आने की खबर है। इसका सीधा सा मतलब है देश की आर्थिक विकास दर का एक तिहाई खत्म हो जाना।

यंग यॉन किम के आंकड़ों में दिसंबर में लगाई गई पाबंदियों को शामिल नहीं किया गया है। पिछले साल के आखिरी महीने में संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने विदेशों में काम कर रहे उत्तर कोरियाई नागरिकों को 24 महीने के अंदर अपने देश लौट जाने के लिए कहा था।

किम जोंग उन का भाषण
इन अप्रवासियों से आने वाला पैसा उत्तर कोरिया के लिए विदेशी धन का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है। कुछ जानकारों ने अंदेशा जताया है कि इस पाबंदी के बाद उत्तर कोरिया की नकद कमाई में 80 फीसदी तक की कमी आ सकती है। यह एक ऐसी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बुरी खबर है जिसमें अमीरों को विदेशी पैसे से ख़रीदे गए लग्जरी गुड्स देने की परंपरा रही है।

इसे समझना है तो किम जोंग-उन का नए साल का भाषण सुन लीजिए। पूरे भाषण में 'अर्थव्यवस्था' शब्द का इस्तेमाल उतनी ही बार किया गया है जितनी बार 'परमाणु' का।

किम की गर्मजोशी की वजह
उत्तर कोरिया को निर्यात या विदेश में काम कर रहे नागरिकों से विदेशी मुद्रा नहीं मिल रही तो पैसा कमाने का एक जरिया पर्यटन बचा है। अपने भाषण में किम जोंग-उन ने 'वोनसान-कालमा तटीय पर्यटन क्षेत्र' का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 'वे 2018 में अपने देश में पर्यटन को बढ़ावा देना चाहते हैं।'

लेकिन ये पर्यटक आएंगे कहां से?

विएना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रूडीगर बताते हैं, "पहले ये काम दक्षिण कोरिया करता था। 1999 से 2008 के बीच हज़ारों दक्षिण कोरियाई नागरिक उत्तर कोरिया घूमने आए। उस दौरान दोनों देशों के रिश्ते बेहतर थे।" किम जोंग उम्मीद कर रहे होंगे कि दक्षिण कोरिया से रिश्ते सुधरें तो ऐसा दोबारा हो सकता है। यह भी उनकी गर्मजोशी के पीछे एक वजह हो सकती है।

परमाणु ताकत साबित कर चुका है उत्तर कोरिया
एक के बाद एक मिसाइल परीक्षण करके उत्तर कोरिया ने बता दिया है कि वो एक से बढ़कर एक परमाणु हथियार बना सकता है। अमरीका और डोनल्ड ट्रंप ने शोर तो मचाया लेकिन पाबंदी लगाने के अलावा ऐसा कुछ नहीं कर पाए जिससे उत्तर कोरिया को परीक्षण करने से रोक पाते।

उत्तर कोरिया बेहिचक वो सब करता रहा जो वो करना चाहता था। किम जोंग वे हथियार बना चुके हैं जिन्हें वे ज़रूरी समझते हैं। साथ ही वे ऐसी परमाणु ताकत हासिल कर चुके हैं जो उन्हें अपना शासन बचाए रखने के लिए जरूरी लगते हैं। अब उनकी नजर प्रतिबंधों को बेअसर करने वाली एक मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने पर है।

विंटर ओलिंपिक
ऐसे में दक्षिण कोरिया से बात करने में किम जोंग का कोई नुकसान नहीं है। हालांकि यह भी नहीं भूलना चाहिए कि किम जोंग अभी इतने भी बेताब नहीं हैं कि अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए अपने परमाणु कार्यक्रम को रोक दें।


दक्षिण कोरिया ने कहा है कि 'अगले महीने होने वाले विंटर ओलिंपिक के दौरान वो कुछ पाबंदियां हटाने पर विचार कर सकता है' लेकिन अगर ये दांव न भी चला तो उत्तर कोरिया पैसे कमाने के और तरीक़े निकाल सकता है। तेजी से लोकप्रिय हो रही क्रिप्टोकरेंसी ऐसा ही एक जरिया हो सकता है।
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