तानाशाह को अंग्रेजी सिखाने के लिए अमेरिकी छात्र को किया अगवा
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उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन को लेकर एक और अजीबोगरीब खुलासा हुआ है। साल 2004 में एक 24 वर्षीय अमेरिकी छात्र डेविड स्नेडडोन के चीन में मौत की खबर आई थी। बाद में उसे मृत भी घोषित कर दिया गया था, लेकिन यह छात्र मरा नहीं था।
दरअसल, उत्तर कोरिया के तानाशाह को अंग्रेजी सीखनी थी और इसके लिए एक अच्छे प्रशिक्षक की जरूरत थी। लिहाजा डेविड को चीन में किडनैप कर लिया गया था। दक्षिण कोरिया प्रशासन से जुड़े चोई सुंग-योंग ने यह खुलासा करते हुए बताया है कि डेविड फिलहाल उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में रह रहा है। डेविड यहां बच्चों को अंग्रेजी सीखाता है और उसके साथ उसकी पत्नी और दो बच्चे भी रहते हैं।
जापान की याहू न्यूज ने भी इस पर बारे में रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस खबर से डेविड के अभिभावक रॉय और कैथलीन को भी शांति मिली है। वे डेविड की मौत की कहानी को लेकर आशंकित थे। अभिभावकों के मुताबिक डेविड के जीवित होने की जानकारी मिलने के बाद उनको वापस लाने की कोशिश की जाएगी। रॉय और कैथलीन को बेटे के जिंदा होने की उम्मीद इसलिए भी थी, क्योंकि डेविड की लाश बरामद नहीं हुई।
डेविड अकेला नहीं
चीन के युन्नान प्रांत में शेरों की घाटी वाली जगह में उसके मरने की बात कही गई थी। यह इलाका उत्तर कोरिया के करीब है। 14 अगस्त 2004 को आखिरी बार डेविड को एक उत्तर कोरियाई रेस्टोरेंट से निकलते हुए ही देखा गया था।
जब वह 26 अगस्त को अमेरिका जाने के लिए सियोल एयरपोर्ट पर नहीं पहुंचा तब उसकी गुमशुदगी का पता चला। डेविड के अभिभावकों के मुताबिक, उसे जानबूझकर निशाना बनाया गया। वह कोरियाई भाषा का भी जानकार था। ऐसे में तानाशाह के लिए अंग्रेजी सीखना आसान था।
डेविड स्नेडडोन पहला युवक नहीं है, जिसे उत्तर कोरिया ने किडनैप करवाया है। जापानी सरकार के मुताबिक 1977 से 1983 के बीच उसके 17 नागरिकों को उत्तर कोरिया के संस्थापक किम सुंग ने अगवा करवाया था। सभी की उम्र 20 साल के आसपास थी। इनमें सबसे छोटा 13 साल का था। माना जाता है कि इन्हें जापानी भाषा सीखने के लिए किडनैप किया गया था। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक तब सैकड़ों जापानियों का अपहरण हुआ था। ज्यादातर छोटे गांवों में रहने वाले युवा थे। दक्षिण कोरिया के मुताबिक, उसके पांच हाईस्कूल के छात्रों का 1977-78 में उत्तर कोरिया के जासूसों ने अपहरण कर लिया था, क्योंकि उत्तर कोरिया दक्षिण कोरिया का लाइफस्टाइल सीखना चाहता था।