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पाकिस्तान को करजई की खरी-खरी, कहा भारत-अफगान रिश्तों के आड़े न आए

Fri, 17 Jun 2016 01:52 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 17 Jun 2016 01:52 PM IST
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Karzai says Pakistan should accept India-Afghan friendly ties

अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने भारत को लेकर पाकिस्तान के रुख पर नाखुशी जाहिर की और बातों ही बातों में उसे खूब लताड़ लगाई।

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डॉन की खबर के मुताबिक हामिद करजई ने बीबीसी उर्दू को दिए साक्षात्कार में कहा कि पाकिस्तान नहीं चाहता है कि भारत के अफगानिस्तान के साथ ताल्लुकात अच्छे रहें, वो नहीं चाहता है कि सेंट्रल एशिया में उसकी पहुंच रहे और अफगानिस्तान के साथ भारत के व्यापारिक संबंध बेहतर हों।
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हामिद करजई ने भारत की तारीफ में भी कसीदे पढ़े, करजई ने दावा किया कि अफगानिस्तान को अपना इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य सेवाएं बनाने में भारत मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत खुद गरीब होते हुए अफगानिस्तान की पैसों से मदद कर रहा है।
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करजई ने कहा कि भारत चाहता है कि अफगानिस्तान के साथ सच्ची मैत्री हो और हम चाहते हैं कि पाकिस्तान को भी भारत के साथ ऐसा ही करना चाहिए।

Karzai says Pakistan should accept India-Afghan friendly ties

करजई ने कहा कि पाकिस्तान को अफगानिस्तान, भारत और ईरान के साथ क्षेत्रीय गठबंधन करना चाहिए, लेकिन पाकिस्तान की हालत इतनी खराब है कि वो भारत से संबंध ही नहीं रखना चाहता है।

करजई ने कहा कि अगर पाकिस्तान सुधरता है तो उसके साथ हमारे संबंध तेजी से बेहतर होंगे।

करजई ने साल 1883 में ब्रिटिश साम्राज्यवाद के दौरान बनाई गई दुरांद लाइन को लेकर कहा कि उसने कभी इस सीमा को नहीं माना। साल 1947 में अस्तित्व में आए पाकिस्तान ने दुरांद सीमा का उल्लंघन किया। करजई ने कहा कि वे इस सीमा को मानते ही नहीं हैं को इसके लिए लड़ाई नहीं करेंगे।
 
करजई के मुताबिक अफगानिस्तान एक संप्रभु देश है फिर भी किसी तरह की तानाशाही नहीं दिखा रहा है, लेकिन पाक सरकार के दुरांग लाइन की ओर बढ़ कदम आफगानियों को गुस्सा दिला रहे हैं।

Karzai says Pakistan should accept India-Afghan friendly ties

जब करजई से पूछा गया कि वे दुरांद मामले को संयुक्त राष्ट्र या इंटरनेशनल कोर्ट में क्यों नहीं ले जाते तो उन्होंने कहा कि ये अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा नहीं है। ये साम्राज्यवाद की विरासत है, जिसे पाकिस्तान और अफगानिस्तान ही बैठकर निपटा सकते हैं।

आतंकवाद को लेकर करजई ने पाक पर तीखा तंज कसा। करजई ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे कि मानों पाकिस्तान में आतंकियों को स्वर्ग मिल गया हो।

और जब पाकिस्तान ये सब बंद कर देगा तो वहां भी शांति बहाल हो जाएगी।

अंत में करजई ने पाकिस्तान को नसीहत दी कि वो आतंकवाद के खिलाफ अफगानिस्तान के साथ मिलकर लड़े इससे दोंनों देशों में शांति आएगी। करजई ने कहा कि पाकिस्तान को अफगानिस्तान की संप्रभुता को स्वीकार कर उसपर हुक्म झाड़ना बंद कर देना चाहिए कि वो भारत के साथ संबंध न रखे।

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