{"_id":"121e082e-1901-11e2-8947-d4ae52bc57c2","slug":"jullia-changed-meaning-of-hating-women","type":"story","status":"publish","title_hn":"औरत से नफरत के मायने बदले जूलिया ने","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"बाकी दुनिया","slug":"rest-of-world"}}
औरत से नफरत के मायने बदले जूलिया ने
Updated Sat, 27 Oct 2012 03:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रपति जूलिया गिलार्ड ने संसद में अपने आक्रामक भाषण
विज्ञापन
में ‘मिसोजनी’ शब्द को बिलकुल नए सिरे से परिभाषित क्या किया कि शब्दकोश
तैयार करने वाली कंपनी को फिर से अपडेट करने को मजबूर होना पड़ा है।
पिछले हफ्ते संसद में बहस के दौरान आग-बबूला गिलार्ड ने विपक्षी नेता टॉनी एबोट को ‘मिसोजनिस्ट’ घोषित कर दिया था। 'मैक्यारी डिक्शनरी' के अनुसार मिसोजनी का मतलब 'महिलाओं के खिलाफ जबरदस्त नफरत करने वाला' होता है।
लेकिन अब डिक्शनरी की संपादक सू बार्कर ने कहा है कि अगले अंक में इस शब्द का विस्तार करके इसे ‘महिलाओं के खिलाफ मज़बूत पूर्वाग्रह से ग्रस्त होने वाला’ कर दिया जाएगा।
बार्कर ने बीबीसी रेडियो से कहा, “पहले हमारे पास इस शब्द का अर्थ महिलाओं से प्रचुर नफरत करना था। लेकिन जिस तरह से पिछले 20-30 सालों के दौरान इस शब्द का इस्तेमाल, खासकर महिलाओं के लिए प्रयोग होने वाली भाषा में किया गया, यह ठीक प्रतीत नहीं होता।”
विज्ञापन
अलग परिभाषा जरुरी उन्होंने कहा, “इसके लिए एक अलग परिभाषा होनी जरूरी है जो सिर्फ असंगत ढंग से लैंगिक टिप्पणी से ज्यादा मजबूत हो।” ऑस्ट्रेलिया की पहली महिला प्रधानमंत्री गिलार्ड ने संसद में एबोट को जबरदस्त फटकार लगाई थी। यह बहस स्पीकर पीटर स्लिपर के इस्तीफे के बाद हुई थी जिस पर एक कर्मी ने यौन पीड़न का आरोप लगाया था।
विपक्ष ने सरकार पर स्पीकर को बचाने के लिए दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया था। स्पीकर स्लिपर पर आरोप था कि उन्होंने महिला के नाजुक अंगों का जिक्र करते हुए आक्रामक भाषा में अशलील एसएमएस भेजे थे।
इसके बाद गिलार्ड ने एबोट पर करारा मौखिक प्रहार करते हुऐ कहा, “अगर उन्हें देखना है कि आधुनिक ऑस्ट्रेलिया में मिसोजनी को मतलब क्या होता है, इसके लिए संसद में किसी प्रस्ताव की जरुरत नहीं। वह आइना देखें।” यू-टयूब पर उनका आग उगलता भाषण एकदम से लोकप्रिय हो गया और एक ही हफ्ते में कई लाख लोगों ने इसे देखा।
मिली-जुली प्रक्रिया सेक्सिजम पर गिलार्ड इस रुख को ऑस्ट्रेलिया के बाहर काफी तारीफ मिली है। लेकिन देश में स्पीकर को उनके समर्थन मिली-जुली प्रक्रिया आई है। कई लोग स्पीकर को प्रधानमंत्री के समर्थन को लेकर काफी खफ़ा हैं।
कई का मानना है कि गिलार्ड ने एबोट के खिलाफ गलत शब्द का इस्तेमाल किया है। क्योंकि डिक्शनरी में मिसोजनिस्ट का अर्थ महिलाओं से नफरत करने वाले रोग से पीड़ित व्यक्ति होता है।
बार्कर ने कहा कि वह खुद को हर ऐसी बड़ी पार्टी के बाद हाथ में झाडू और पानी की बाल्टी लेकर भाषा को साफ करने वाले व्यक्ति के रुप में देखती हैं। इस लिहाज से यह काफी बड़ी पार्टी थी। डिक्शनरी के ऑनलाइन अंक में इसी साल बदलाव हो जाएगा जबकि प्रिंट संस्करण में इसे अगले साल बदला जाएगा।
मैक्यारी के इस फैसले का कई लोगों ने काफी विरोध किया है। कई ने अपनी शिकायत भी भेजी है। एक विपक्षी नेता ने इसे राजनैतिक कदम बताया है। इस पूरे मुद्दे पर गिलार्ड या एबोट से टिप्पणी नहीं मिल पाई है। हालांकि एबोट की पत्नी ने अपने पति का बचाव किया और कहा कि उनके पति कई सक्षम महिलाओं के साथ काम करते हैं।
पिछले हफ्ते संसद में बहस के दौरान आग-बबूला गिलार्ड ने विपक्षी नेता टॉनी एबोट को ‘मिसोजनिस्ट’ घोषित कर दिया था। 'मैक्यारी डिक्शनरी' के अनुसार मिसोजनी का मतलब 'महिलाओं के खिलाफ जबरदस्त नफरत करने वाला' होता है।
लेकिन अब डिक्शनरी की संपादक सू बार्कर ने कहा है कि अगले अंक में इस शब्द का विस्तार करके इसे ‘महिलाओं के खिलाफ मज़बूत पूर्वाग्रह से ग्रस्त होने वाला’ कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
बार्कर ने बीबीसी रेडियो से कहा, “पहले हमारे पास इस शब्द का अर्थ महिलाओं से प्रचुर नफरत करना था। लेकिन जिस तरह से पिछले 20-30 सालों के दौरान इस शब्द का इस्तेमाल, खासकर महिलाओं के लिए प्रयोग होने वाली भाषा में किया गया, यह ठीक प्रतीत नहीं होता।”
विज्ञापन
अलग परिभाषा जरुरी उन्होंने कहा, “इसके लिए एक अलग परिभाषा होनी जरूरी है जो सिर्फ असंगत ढंग से लैंगिक टिप्पणी से ज्यादा मजबूत हो।” ऑस्ट्रेलिया की पहली महिला प्रधानमंत्री गिलार्ड ने संसद में एबोट को जबरदस्त फटकार लगाई थी। यह बहस स्पीकर पीटर स्लिपर के इस्तीफे के बाद हुई थी जिस पर एक कर्मी ने यौन पीड़न का आरोप लगाया था।
विपक्ष ने सरकार पर स्पीकर को बचाने के लिए दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया था। स्पीकर स्लिपर पर आरोप था कि उन्होंने महिला के नाजुक अंगों का जिक्र करते हुए आक्रामक भाषा में अशलील एसएमएस भेजे थे।
इसके बाद गिलार्ड ने एबोट पर करारा मौखिक प्रहार करते हुऐ कहा, “अगर उन्हें देखना है कि आधुनिक ऑस्ट्रेलिया में मिसोजनी को मतलब क्या होता है, इसके लिए संसद में किसी प्रस्ताव की जरुरत नहीं। वह आइना देखें।” यू-टयूब पर उनका आग उगलता भाषण एकदम से लोकप्रिय हो गया और एक ही हफ्ते में कई लाख लोगों ने इसे देखा।
मिली-जुली प्रक्रिया सेक्सिजम पर गिलार्ड इस रुख को ऑस्ट्रेलिया के बाहर काफी तारीफ मिली है। लेकिन देश में स्पीकर को उनके समर्थन मिली-जुली प्रक्रिया आई है। कई लोग स्पीकर को प्रधानमंत्री के समर्थन को लेकर काफी खफ़ा हैं।
कई का मानना है कि गिलार्ड ने एबोट के खिलाफ गलत शब्द का इस्तेमाल किया है। क्योंकि डिक्शनरी में मिसोजनिस्ट का अर्थ महिलाओं से नफरत करने वाले रोग से पीड़ित व्यक्ति होता है।
बार्कर ने कहा कि वह खुद को हर ऐसी बड़ी पार्टी के बाद हाथ में झाडू और पानी की बाल्टी लेकर भाषा को साफ करने वाले व्यक्ति के रुप में देखती हैं। इस लिहाज से यह काफी बड़ी पार्टी थी। डिक्शनरी के ऑनलाइन अंक में इसी साल बदलाव हो जाएगा जबकि प्रिंट संस्करण में इसे अगले साल बदला जाएगा।
मैक्यारी के इस फैसले का कई लोगों ने काफी विरोध किया है। कई ने अपनी शिकायत भी भेजी है। एक विपक्षी नेता ने इसे राजनैतिक कदम बताया है। इस पूरे मुद्दे पर गिलार्ड या एबोट से टिप्पणी नहीं मिल पाई है। हालांकि एबोट की पत्नी ने अपने पति का बचाव किया और कहा कि उनके पति कई सक्षम महिलाओं के साथ काम करते हैं।