यौन शोषण मामले में फंसे अंसाज पर कोर्ट सख्त
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स्वीडन की एक अदालत ने विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज के खिलाफ जारी गिरफ्तारी के एक वारंट को सही ठहराया है।
असांज पर विकीलीक्स की दो महिला वॉलंटियर्स ने यौन शोषण के आरोप लगाए थे जिन्हें असांज सिरे से खारिज करते आए हैं। असांज पिछले दो साल से प्रत्यर्पण से बचने के लिए लंदन में इक्वाडोर के दूतावास में रह रहे हैं।
असांज की गिरफ्तारी के लिए साल 2010 के अंत में एक वारंट जारी किया गया था। स्वीडन में दो महिलाओं ने उनके खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाए थे।
स्टॉकहोम की अदालत ने दो सरकारी वकीलों की इस दलील से सहमति जताई कि वारंट को लागू रखा जाना चाहिए।
जज लेना एगेलिन ने कहा, "कुल मिलाकर, जिला अदालत ने पाया है कि जिस वजह से गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे उससे कानून के उल्लंघन की कमी पूरी होती है.. इसलिए उन्हें उनकी गैरमौजूदगी में वांटेड के बतौर वारंट का रहना जरूरी है।"
अमेरिका को प्रत्यर्पित किए जाने का डर
उधर असांज के वकीलों का कहना है कि वे जिला अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट में असांज के प्रत्यर्पण अपील पर दोबारा सुनवाई से इनकार के बाद इक्वेडोर सरकार ने विकीलीक्स संस्थापक को शरण दी थी।
असांज को डर है कि अगर उन्हें स्वीडन प्रत्यर्पित किया जाता है तो उन्हें एक बार फिर अमरीका प्रत्यर्पित किया जाएगा, जहां उनके खिलाफ हजारों गुप्त दस्तावेज जारी करने के आरोप हैं।
अमरीकी सैनिक ब्रैडले मैनिंग उर्फ चेल्सी मैनिंग को विकीलीक्स को दस्तावेज सौंपने के आरोप में 35 साल की कैद पहले ही हो चुकी है।
दस्तावेज सार्वजनिक होने के बाद अमेरिका और दूसरे देशों की सरकारों को काफी शर्मिंदगी का सामना करना पडा था।